अल्पवर्षा से हैंडपंपों के हलक सूखे, गर्मी में होगा जलसंकट
अल्पवर्षा से हैंडपंपों के हलक सूखे, गर्मी में होगा जलसंकट

महासमुंद: अल्पवर्षा और खंड वर्षा से फसल बचाने की चुनौती का सामना करने के बाद अब गांवों के लोगों को गर्मी के सीजन में पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है, क्योंकि भू-जल स्तर में लगातार गिरावट के बाद हैंडपंप भी जवाब दे रहे हैं।
अल्पवर्षा से भू-जलस्तर घटने और फ्लोराइडयुक्त पानी की शिकायत के बाद 206 हैंडपंप बंद हो चुके हैं। जिले में कुल 11615 हैंडपंप स्थापित हैं। इनमें वर्तमान में 11409 में पर्याप्त पानी आ रहा है। ५०० से अधिक हैंडपंपों का वाटर लेबल बहुत कम है। पिछले साल भू-जलस्तर घटने के कारण जितने हैंडपंप बंद थे, वे इस वर्ष भी उबर नहीं पाए। ठंड में जब यह हाल है, तो गर्मी में अनुमान लगाया जा सकता है। जलसंकट से बचने के लिए कोई सार्थक उपाय अब तक नहीं किए गए हैं। आकड़ों के मुताबिक इस वर्ष महासमुंद में 1०४४ एमएम बारिश हुई है। वहीं सरायपाली में ९८२ एमएम बारिश, बसना में ९९७ एमएम बारिश, पिथौरा में ११८४, बागबाहरा में 1142 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जिले की औसत बारिश 1089 है। जिले में इस बार संभावित 1434 से भी कम बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश नहीं होने से जलस्तर घटता गया। अब गर्मी में जलसंकट गहरा सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी सरायपाली ब्लॉक में हो सकती है। वर्तमान में तालाब में पर्याप्त पानी है, लेकिन चार-पांच माह बाद तालाब सूख जाएंगे। ऐसे में निस्तारी की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। पिछले साल भी गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा था। पेयजल और निस्तारी को लेकर लोग परेशान थे। इस बार भीषण जलसंकट के संकेत मिल रहे हैं। वहीं किसान खेतों में पानी नहीं पहुंचने से परेशान हैं। खेतों में फसलों की दशा देखकर चिंता में डूब गए हैं। उनके सामने उम्मीद की फसलों को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं बिजली की आंख मिचौली का सामना भी हो रहा है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
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कुएं का पानी पीने को मजबूर
लहंगर गांव में लोग कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। हैंडपंपों से लाल पानी आ रहा है। इसलिए लोग हैंडपंप का पानी पीने से हिचकिचाते हैं। गांव के राधे लाल सिन्हा ने बताया कि स्थानीय लोगों को हैंडपंप का पानी पीना छोड़ दिया है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है। इसकी शिकायत भी पहले की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका। गांव के लोग मजबूरी में कुएं या बोर का पानी पी रहे हैं।
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नल जल योजना फेल
केशलडीह, नवागांव और कौदेकेरा के स्कूलों के हैंडपंप में भी खराब पानी आने की शिकायत पिछले दिनों आई थी। नल जल योजना 230 गांवों में स्वीकृत है। इनमें 196 गांवों को इसका लाभ मिल चुका है। 34 गांवों में कार्यादेश जारी किए जा रहे हैं। नल जल योजना प्रारंभ होने के बाद लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा अधिकांश गांव के लोग नल जल योजना का इंतजार कर रहे हैं।
वर्सन
100 से अधिक हैंडपंप का सुधार कार्य किया जा रहा है। नल जल योजना के तहत भी १९६ कार्य पूर्ण हो चुके हैं, ३४ का किया जाना है।
आरके उरांव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी
फैक्ट फाइल
कुल हैंडपंप -११६१५
चालू हैंडपंप -११४९
खराब हैंडपंप- २०६
जिले में बारिश
विकासखंड अब तक बारिश
महासमुंद १०४४
सरायपाली ९८९.३
बसना ९९७
पिथौरा ११८४
बागबाहरा ११४२
औसत बारिश १०८९

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