नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में अपनी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी भूख हड़ताल केंद्र सरकार के खिलाफ है क्योंकि सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया। धरने पर बैठे चंद्रबाबू नायडू ने कहा, आज हम यहां केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध करने के लिए आए हैं। धरने से एक दिन पहले कल पीएम आंध्र प्रदेश के गुंटूर पहुंचे थे। जिसकी जरूरत है मैं वही मांग रहा हूं।
इस दौरान मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों, पार्टी के विधायकों, एमएलसी और सांसदों के साथ धरना देंगे। राज्य कर्मचारी संघों, सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा वह आज दिल्ली में दीक्षा रैली भी करेंगे। नायडू की रैली में शामिल होने के लिए देश के कई हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। नायडू का कहना है कि केंद्र सरकार ने राज्य को लेकर अन्य और भी कई वादे किए थे और उन्हें पूरा करने में भी असफल रही है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नायडू सोमवार को सुबह 8 बजे से रात आठ बजे तक आंध्र भवन में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। वह 12 फरवरी को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे।
इससे पहले नायडू ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा था कि आपने तो अपनी पत्नी को छोड़ दिया। क्या परिवार नाम की व्यवस्था के प्रति आपके मन में कोई सम्मान है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ना तो कोई परिवार है, और ना ही कोई बेटा। नायडू ने विजयवाड़ा में एक जनसभा में कहा, ‘चूंकि आपने मेरे बेटे का जिक्र किया है, इसलिए मैं आपकी पत्नी का जिक्र कर रहा हूं। लोगों… क्या आप जानते हैं कि नरेंद्र मोदी की एक पत्नी भी हैं? उनका नाम जशोदाबेन है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी पर अपना हमला जारी रखते हुए उन पर देश और सभी संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाया। नायडू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री एक चायवाला होने का दावा करते हें लेकिन उनका सूट – बूट देखिए…।’ नोटबंदी को उन्होंने तुगलकी फैसला बताया।
गौरतलब है कि राज्य के बंटवारे के बाद आंध्र प्रदेश से अन्याय किए जाने का आरोप लगाते हुए टीडीपी पिछले साल भाजपा नीत एनडीए से बाहर हो गई थी।

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