कोलकाता : भारत में मोबाइल सर्विसेज से होने वाली आमदनी के मामले में रिलायंस जियो पहली बार भारती एयरटेल से आगे निकल सकती है। ऐसा दिसंबर 2018 च्ॉर्टर के लिए हो सकता है। एनालिस्ट्स ने कहा कि जियो एक बार फिर नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि सब्सक्राइबर्स की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी के कारण प्रॉफिट ग्रोथ बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एनालिस्ट्स ने कहा कि दूसरी ओर देश की नई टेलिकॉम मार्केट लीडर वोडाफोन-आइडिया और दूसरी बड़ी कंपनी एयरटेल को कॉस्ट बढऩे के कारण ठीकठाक घाटा हो सकता है। उन्होंने कहा कि आमदनी में कम गिरावट के बावजूद ऐसा होगा। एनालिस्ट्स ने कहा कि इन कंपनियों के मिनिमम रिचार्ज प्लान का असर दिखने लगा है जिससे ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी एआरपीयू में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
वोडाफोन-आइडिया का कम होगा घाटा
ब्रोकरेज आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज का अनुमान है कि वोडाफोन-आइडिया को तीसरी तिमाही में 4001.17 करोड़ रुपये का नेट लॉस होगा। यह जुलाई-सितंबर तिमाही में दर्ज 4974 करोड़ रुपये के घाटे से कम रहेगा। उसने कहा कि दोनों कंपनियों के तालमेल के फायदों के कारण घाटा कम रहेगा। यह कंपनी दूसरी बार कंसॉलिडेटेड अर्निंग्स का आंकड़ा पेश करेगी।
ब्रोकरेज क्रेडिट सुइस और आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में वीआईएल की आमदनी 11414-11703 करोड़ रुपये के बीच रहेगी। जुलाई-सितंबर पीरियड में आमदनी 12000 करोड़ रुपये थी।
एयरटेल को लॉस
ब्रोकरेज हाउसेज का अनुमान है कि भारती एयरटेल को तीसरी तिमाही में 649 करोड़ से 1141 करोड़ रुपये तक का नेट लॉस होगा। ऐसा 16 वर्षों में पहली बार हो सकता है। कंपनी ने सितंबर च्ॉर्टर में कंसॉलिडेटेड बेसिस पर 119 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज कर चौंकाया था। ऐसा वन टाइम एक्सेप्शनल गेन की मदद से हुआ था, लेकिन भारतीय कारोबार से घाटा बढ़ गया था। एयरटेल की आमदनी दिसंबर तिमाही में 20428-22447 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
जियो को लगातार पांचवीं तिमाही में ग्रोथ की उम्मीद
जियो लगातार पांचवीं तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ दर्ज कर सकती है। आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज ने कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 49 प्रतिशत बढक़र 751 करोड़ रुपये होने का अनुमान दिया है। उसका कहना है कि करीब 3.07 करोड़ सब्सक्राइबर्स को अपने साथ जोडऩे से मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में जियो की आमदनी तिमाही दर तिमाही आधार पर करीब 12 प्रतिशत बढक़र 10327 करोड़ रुपये रह सकती है। उसने कहा कि यह भारत में मोबाइल सर्विसेज से एयरटेल को होने वाली आमदनी को पहली बार पार कर जाएगी।
मिनिमम रिचार्ज प्लान का असर
ब्रोकरेज क्रेडिट सुइस और कोटक इंस्टीट्यूशनल इच्टिीज ने अनुमान दिया है कि तीसरी तिमाही में भारती एयरटेल का इंडिया मोबाइल रेवेन्यू 997-10148 करोड़ रुपये की रेंज में रह सकता है। ब्रोकरेज एक्सिस कैपिटल ने कहा, वायरलेस रेवेन्यू (भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया) तीसरी तिमाही में भी घटेगा, हालांकि लो-ऐंड कंज्यूमर्स से एआरपीयू में सुधार लाने के लिए कंपनियों की ओर से उठाए गए कदमों के कारण वायरलेस रेवेन्यू में कमी ज्यादा नहीं रहेगी।
देश की दो पुरानी टेलिकॉम कंपनियों ने अक्टूबर में मिनिमम रिचार्ज प्लान लॉन्च किए थे। इसका मकसद रेवेन्यू जेनरेट न करने वाले लो-एंड यूजर्स से किनारा करना और एआरपीयू में सुधार लाना था। एनालिस्ट्स ने कहा कि इन प्लान का कुछ सकारात्मक असर दिखने लगेगा, लेकिन पूरा असर जनवरी-मार्च तिमाही में दिखेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here