नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस के पास हर मर्ज की दवा, यानी हर समस्या के लिए कानूनी उपाय हैं! यह अलग बात है कि पुलिस उन कानूनी प्रावधानों का उपयोग मनमाने ढंग से करती है। पूरी राजधानी में तमाम जगहों पर अवैध पार्किंग होती है। रोड साइड पर कार लगाकर शॉपिंग या किसी काम से जाना आम है। कहीं रोड पर बहुत सख्ती हुई तो ज्यादा से ज्यादा चालान होता है। ऐसे सूरते-हाल के बीच अगर पुलिस कार मालिकों पर एकाएक मुकदमे दर्ज करने लगे तो चौंकना जाहिर है।
करोल बाग में सोमवार को रोड साइड पार्किंग करने पर दो कार मालिकों पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। उनके खिलाफ सार्वजनिक मार्ग में बाधा उत्पन्न करने की धारा 282/290 के तहत केस दर्ज किए हैं। ऐडवोकेट संजीव यादव का कहना है कि इन सेक्शन में कुछ सौ रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है, हालांकि मुकदमा उस जुर्माने से कहीं ज्यादा भारी पड़ता है। गलत तरीके से पार्किंग करने पर पुलिस कार्रवाई किए जाने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन पिक ऐंड चूज, यानी मनमाने ढंग से कुछ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। कहीं तो अनाप-शनाप पार्किंग करने पर चालान तक नहीं होते और कहीं मुकदमा ही दर्ज होने लगे तो सवाल उठेंगे। अगर पुलिस यह ऐक्शन लगातार ले तो दिल्ली में जाम की समस्या खत्म हो सकती है। मनमाने ढंग से कानूनी प्रावधानों का उपयोग करने से असंतोष फैलता है।
दोनों केस बीती शाम करोल बाग थाने में दर्ज हुए हैं। एक केस में जितेंद्र शर्मा को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि उनकी वैगनआर कार अजमल खां रोड पर गली नंबर 9-10 के बीच खड़ी थी, जिससे आवागमन और यातायात बाधित हो रहा था। उनको एसआई मोहित दलाल ने कई बार रास्ते से कार हटाने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। इसलिए मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं एक अन्य कार (डस्टर आरएक्सई) भी खड़ी थी। उसके मालिक वरुण को कार हटाने को कहा गया तो उन्होंने भी इनकार कर दिया। इसलिए उनके खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया।

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