शाह आलम: उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के सौतेले भाई किम जोंग-नाम की हत्या के मामले में आरोपी, वियतनामी महिला की तत्काल रिहाई की मांग बृहस्पतिवार को खारिज कर दी गयी। मामले में महिला की सह-आरोपी इंडोनेशियाई महिला को कुछ दिन पहले ही रिहा किया गया था। राजधानी कुआलालंपुर के बाहर शाह आलम में मुख्य अभियोजक मोहम्मद इस्कंदर अहमद ने उच्च न्यायालय में कहा, ‘‘अटॉर्नी-जनरल को 11 मार्च को प्रस्तुत अभ्यावेदन के संदर्भ में, हमें इस मामले में आगे बढ़ाने का आदेश मिला है।’’ डोन थी हुओंग के खिलाफ करीब डेढ़ वर्ष से सुनवाई जारी है। फैसले के बाद नम आंखों से हुओंग ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ सिती की रिहाई को लेकर मैं नाराज नहीं हूं। केवल भगवान जानता है कि हमने हत्या नहीं की।’’ उसने कहा, ‘‘ मैं चाहती हूं कि मेरा परिवार मेरे लिए दुआ करे।’’ वहीं न्यायाधीश अजीम आरिफिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि सुनवाई के लिए हुओंग ‘‘मानसिक और शारीरिक’’ तौर पर स्वस्थ नहीं है। उन्होंने अगली सुनवाई के एक अप्रैल की तारीख मुकर्रर की। मामले में आरोपी अन्य महिला सिती आसियाह को सोमवार को रिहा कर दिया गया था। अभियोजकों ने उसके खिलाफ हत्या के आरोप वापस ले लिए थे। उन्होंने इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया लेकिन इसमें इंडोनेशियाई सरकार की ओर से गहन पैरवी की गई थी। गौरतलब है कि कुआलालंपुर हवाई अड्डे पर 2017 में रहस्यमय परिस्थितियों में किम जोंग-नाम की हत्या कर दी गई थी।

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