डोंगरगढ़-रायपुर : राज्य में यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो दस दिनों के अंदर किसानों का कर्जा माफ होगा। यह कोई झूठा वायदा नहीं है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है, जिसे सरकार बनते ही दस दिनों के अंदर प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा।
उक्त बातें आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक आमसभा को संबोधित करते हुए कही। श्री गांधी ने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टॉरगेट करते हुए कहा कि केन्द्र के मुखिया देश के चुनिंदा 10-15 बड़े अरबपतियों और उद्योगपतियों को लक्ष्य में रखकर योजनाएं बनाते हैं। जिस मनरेगा से कम से कम 5-10 साल तक हजारों, लाखों परिवारों की रोजी-रोटी चलती, ऐसे साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए का कर्जा इन उद्योगपतियों के सिर पर था। मोदी जी ने अपनी दोस्ती निभाई और सरकार में आते ही उनका कर्जा माफ कर दिया, क्यों? दूसरी ओर देश के अन्नदाता जिनके ऊपर महज कुछ हजारों का कर्जा था, वो कर्ज न चुका पाने की स्थिति में आत्महत्या करते रहे, लेकिन मोदी जी ने उनका कर्जा माफ करना जरूरी नहीं समझा। खुद को गरीबों और किसानों की हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार ने आखिर किस वजह से किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या जैसे उद्योगपति देश के लाखों-करोड़ों रूपए लूट कर विदेश चले जाते हैं और केन्द्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है। यह भाजपा का चाल-चरित्र और चेहरा है। यदि यही काम कोई आम नागरिक करता तो उसे क्या उसे इस तरह छोड़ा जाता। राहुल गांधी ने नोटबंदी की दो वर्ष पूरा होने की बात कहते हुए कहा कि नोटबंदी से आखिर किसे फायदा हुआ? फायदा हुआ उन उद्योगपतियों को जो अकूत कालाधन रखे हुए थे। आम नागरिकों का कहा गया कि यह कालेधन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई है। जनता अपने मेहनत की कमाई को साबित करने बैंक की लाइन में खड़े रहे और इसकी आड़ में उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री के दोस्ती का फायदा उठाकर अपना कालाधन सफेद कर लिया। नोटबंदी से छोटे और मंझोले दुकानदार बर्बाद हो गए। लोगों को अपनी ही खून-पसीने की कमाई को वैध कराने और साबित करने के लिए बैंकों के बाहर लाइन में लगाकर उद्योगपति एसी कमरों में बैठे रहें। श्री गांधी ने चुनौती देते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी जी नोटबंदी की बात नहीं करते, क्यों? क्योंकि वे जानते हैं कि यदि उन्होंने यह बात छेड़ी तो जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो दस दिनों के भीतर किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने जीएसटी की बात कही तो इन्हीं लोगों ने उसका विरोध किया, नारा दिया कि एक देश में एक टैक्स रहेगा। वर्तमान में क्या हो रहा है, जीएसटी तो लागू किया लेकिन अलग-अलग स्तर पर, अब छोटे, मंझोले दुकानदार केवल फार्म भरते रहते हैं, धंधा-पानी और व्यापार पूरी तरह से चौपट हो चुका है।

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