दिल्ली में अमित शाह से मिलेंगे नीतीश कुमार
दिल्ली में अमित शाह से मिलेंगे नीतीश कुमार

नई दिल्ली: 2019 के आम चुनाव में अब चंद महीनों का वक्त बचा है। ऐसे में केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर विचार-विमर्श तेज कर दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बिहार को लेकर सीटों की स्थिति साफ नहीं है। जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) ये तीनों एनडीए के सहयोगी हैं। लेकिन इन घटक सदलों में सीटों को लेकर रस्साकशी चल रही है। इस बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार शुक्रवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं।
नीतीश कुमार दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान बिहार में सीट बंटवारे की संभावनाओं पर मंथन होगा। बिहार में सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में खींचतान है। जहां एक ओर जेडीयू आधी सीटों पर दावेदारी जता रही है वहीं राम विलास पासवान की एलजेपी भी सात सीटों से कम पर मानने को तैयार नहीं है। इन सबके बीच उपेन्द्र कुशवाहा की आरएलएसपी भी झुकने के मूड में नहीं है।
बिहार में क्यों फंसा है पेच?
बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी, आरएलएसपी और एलजेपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। अब राज्य की सत्ता पर काबिज जेडीयू भी एनडीए का हिस्सा है, ऐसे में सीटों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को एनडीए के घटक दलों में शामिल एलजेपी और आरएलएसपी ने जहां एक ओर सीटों के बंटवारे से संबंधित कोई चर्चा नहीं होने का दावा किया था, वहीं बुधवार को इसके ठीक उलट जेडीयू ने कहा कि सीटों का बंटवारा हो चुका है और जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
मंगलवार को एलजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने साफ किया था कि अभी तक बिहार में सीट बंटवारे की कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने एलजेपी के लिए 40 सीटों में से कम से सात सीटों का दावा किया था। पारस ने कहा था कि पहले भी एलजेपी ने सात सीटों पर चुनाव लड़ा था और इस बार भी पार्टी सात सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी।
आरएलएसपी के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा था कि सीटों को लेकर अभी तक एनडीए के घटक दलों की बातचीत नहीं हुई है। वहीं, जेडीयू नेता आरसीपी सिंह ने एनडीए में सीटों के बंटवारे में किसी प्रकार के मतभेद से इनकार करते हुए कहा, बिहार एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है और गठबंधन के बड़े नेता जल्द ही इसकी घोषणा करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक बिहार में एनडीए गठबंधन में बड़े भाई के तौर पर जेडीयू 50-50 का फॉर्म्युला चाहती है। इसके तहत राज्य की 40 में से 20 सीटों पर पार्टी अपना दावा ठोक रही है। वहीं, एलजेपी के 7 सीटों पर अडऩे से केवल 13 सीटें ही बचती हैं। अगर जेडीयू का फॉर्म्युला माना जाता है तो बीजेपी के अंदर से भी आवाजें उठ सकती हैं। जेडीयू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ 2 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि बीजेपी ने 21 लोकसभा सीटों पर कामयाबी पाई थी और पार्टी कम से कम इन सीटों को छोडऩे के पक्ष में नहीं है।

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