नईदिल्ली: नरेश गोयल अब दुबारा शायद जेट एयरवेज से नहीं जुड़ पाएंगे क्योंकि संभावित निवेशकों ने उनकी प्रविष्टि पर आपत्ति जताई है। जानकार सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कहा जा रहा है कि अन्य बोलीदाताओं के विरोध के मद्देनजर गोयल ने जेट एयरवेज की बोली प्रक्रिया से अपना नाम वापस ले लिया है।उद्योग सूत्रों के मुताबिक अगर गोयल को संकटग्रस्ट एयरलाइन के लिए बोली लगाने की अनुमति दी जाती तो एतिहाद और टीजीपी कैपिटल बोली प्रक्रिया से नाम वापस ले सकती थीं।
कर्जदाताओं द्वारा आपत्ति जताने के बाद बोली वापस लेने से पहले गोयल एक बार फिर एयरलाइन की कमान अपने हाथ में लेने के लिए दो विदेशी निकायों के समर्थन से जेटएयर प्राइवेट लिमिटेड के जरिए बोली लगा रहे थे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई वाले बैंकों का कंसोर्टियम फिलहाल एयरलाइन में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में है, ताकि 8,400 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली की जा सके।
एसबीआई की मर्चेट बैंकिंग इकाई एसबीआई कैप वर्तमान में उन निवशकों को शार्टलिस्ट कर रही है, जो अप्रैल अंत तक अपना प्रस्ताव पेश कर सकेंगे। एसबीआई ने सोमवार को एक बयान में कहा था कि संभावित बोलीदाताओं को जल्द ही शार्टलिस्ट कर लिया जाएगा और एसबीआई कैप का कानूनी दल निवेशकों से प्राप्त ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) पर काम कर रहा है।

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