लॉयन एयर विमान के क्रैश होने की बड़ी वजह आई सामने
लॉयन एयर विमान के क्रैश होने की बड़ी वजह आई सामने

जकार्ता:  लॉयन एयर विमान जेटी-610 सोमवार को जकार्ता से उड़ान भरने के बाद समुद्र में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। फ्लाइट डाटा से यह जानकारी मिली है। बोइंग 737 मैक्स 8 का यह विमान बिल्कुल नया था। फ्लाइटरडार24 का डाटा दिखाता है कि विमान के उड़ान भरने के करीब दो मिनट के भीतर ही उसमें खराबी के संकेत मिलने लगे थे। विमान में खराबी के संकेत मिलने पर वह दो हजार फीट पर पहुंच गया था।
विमान पांच हजार फीट चढऩे से पहले 500 फीट से ज्यादा लुढक़ा था और 5,450 फीट पर पहुंचने से पहले ही फिर से लुढक़ गया। विमान ने अंतिम क्षणों में गति हासिल कर ली और संबंध टूटने से पहले वह 345 नॉट्स की गति हासिल कर चुका था। जब विमान का संपर्क टूटा तो वह 3,650 फीट पर था। 188 लोगों को ले जा रहे विमान के समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले इसकी कुल उड़ान 13 मिनट की थी। डाटा में दर्शाया गया कि यही विमान एक दिन पहले उड़ान के 13 मिनटों के भीतर करीब 24,800 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया था। लॉयन एयर विमान ने सुबह 6.20 बजे जकार्ता के सोकारनो हात्ता अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी और यह लगभग एक घंटे में पंगकल पिनांग पहुंचने वाला था, लेकिन विमान का सुबह 6.33 बजे संपर्क टूट गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विमान अगस्त से परिचालन में था और उड़ान भरने लायक था।

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