नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की वापसी हुई है और साथ में तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए हैं। उनके सामने क्या चुनौही हैं और कितनी तैयारियों के साथ वे मैदान में उतरने वाले हैं, तीनों से बातचीत कर जाना गया।
कांग्रेस को जीत दिलाना पहला लक्ष्य : शीला
80 साल की उम्र में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को एक बार फिर से प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया है। अजय माकन के पद से इस्तीफा देने के बाद शीला को यह कमान सौंपी गई है। अजय माकन ने शीला को अध्यक्ष बनाए जाने के बाद ट्वीट कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए शीला ने कहा कि मेरा पहला लक्ष्य लोकसभा 2019 का चुनाव है, बीजेपी को सातों सीटों पर हराना और कांग्रेस को जीत दिलाना है। उन्होंने नई जिम्मेदारी के लिए पार्टी को शुक्रिया कहा और गठबंधन पर सीधे सीधे कमेंट करने से बचीं। उन्होंने कहा कि अलायंस जब फाइनल होगा तब उस पर बात की जाएगी, अभी ये केवल मीडिया में है। शीला 1998 से 2013 तक लगातार 15 साल दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं, वह 2014 में केरल की राज्यपाल भी रहीं।
माकन ने दी बधाई
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने अपने बधाई वाले ट्वीट में कहा कि शीला दीक्षित जी को दोबारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई व शुभकामनाएं। उनके अधीन, मुझे संसदीय सचिव एवं कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करके सीखने का अवसर मिला। मुझे विश्वास है कि शीला जी की अगुआई में हम, मोदी, केजरीवाल सरकारों के विरोध में एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।

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