कोरबा : एक शासकीय शिक्षक को दहेज प्रताडऩा के मामले में सजा होने के बाद भी अब तक विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। इसकी शिकायत उसकी पत्नी ने कलेक्टर से की है।
पथर्रीपारा निवासी मोहम्म्द नियाज खान पिता अब्दुल कादिर 31 का विवाह वर्ष 2009 में आसिमा परवीन से हुआ था। शादी के बाद से ही नियाज आसिमा को दहेज के लिए प्रताडि़त करता था। आसिमा के पिता ने वर्ष 2010 में 50 हजार रुपये नियाज को दिया था, बावजूद इसके वह दहेज के नाम पर आसिमा को घर से निकाल दिया। इसकी शिकायत उसने सिटी कोतवाली पुलिस से की थी। नियाज खान पोड़ी.उपरोड़ा के शासकीय माध्यमिक शाला मदनपुर में बतौर शिक्षक पदस्थ है। आसिमा ने उस वक्त नियाज के अलावा उसकी सास, ननद, नंदोई के खिलाफ भी शिकायत की थी। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ दहेज प्रताडऩा का मामला पंजीबद्ध कर उन्हें जेल भेज दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीमा चंद्राकर ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपितों को एक माह की सजा व एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। 31 जुलाई 2011 से दो अगस्त 2011 यानी तीन दिन जेल में रहा। इसके बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। जेल से निकलने के बाद वह फिर से शासकीय नौकरी करने लगा। इसकी शिकायत पत्नी आसिमा ने कलेक्टर से करते हुए कहा कि सजा होने के बाद भी वह प्रशासनिक सेवा दे रहा है, जबकि उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए।

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