नयी दिल्ली:समाजवादी पार्टी के सदस्यों के हंगामे की वजह से राज्यसभा की बैठक मंगलवार को 11 बज कर करीब 45 मिनट पर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सपा सदस्य प्रयागराज में हो रहे एक कार्यक्रम के लिए वहां जा रहे अपनी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ हवाईअड्डे पर रोके जाने की वजह से हंगामा कर रहे थे। उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर इस बात पर सहमति बनी कि संसद के वर्तमान सत्र के शेष बचे दो दिन में राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया जाए एवं 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पर चर्चा कर उसे मंजूरी देने के बाद लोकसभा को लौटा दिया जाए। इसके बाद सभापति एम वेंकैया नायडू की अनुमति से सदस्यों ने शून्यकाल के तहत अपने अपने मुद्दे उठाने शुरू किये।

सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चल रही थी। मनेानीत सदस्य राकेश सिन्हा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कुछ शिक्षकों को पेन्शन न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपनी बात पूरी की और तभी 11 बज कर करीब 40 मिनट पर सदन में सपा के नेता रामगोपाल यादव ने अचानक कुछ कहना चाहा। सभापति ने यादव को अनुमति न देते हुए कांग्रेस के हुसैन दलवई से शून्यकाल के तहत उनका मुद्दा उठाने के लिए कहा। इस पर सपा सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की। नायडू ने कहा कि नोटिस दिए बिना सदस्य कोई मुद्दा नहीं उठा सकते। सभापति ने कहा ‘‘आप सभी अनुभवी हैं और जानते हैं कि इस तरह नोटिस के बिना कोई मुद्दा नहीं उठाया जा सकता।’’ सपा सदस्यों ने कहा कि उन्हें अभी अभी पता चला है कि उनकी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रोक दिया है।

अखिलेश इलाहाबाद विश्वविद्यालय में होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे। सपा सदस्यों ने यह भी कहा कि सदन में उनके नेता को बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। सभापति ने उनकी मांग अस्वीकार करते हुए कहा कि क्या आप इसी तरह सदन को चलाना चाहते हैं ‘‘माहौल खराब मत कीजिये। हम बहुत कीमती समय बर्बाद कर चुके हैं’’ अब तक सपा सदस्य अपने स्थानों से उठ कर हंगामा करते हुए सदस्यों के बैठने की अग्रिम दीर्घा तक आ गए गए। सदन में व्यवस्था बनते न देख नायडू ने 11 बज कर करीब 45 मिनट पर बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, बैठक शुरू होने पर सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों ने अपने अपने विषय उठाने के लिए नियम 267 के तहत उन्हें नोटिस दिए हैं जिन्हें उन्होंने अस्वीकार कर दिया है। नायडू की अनुमति से सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित करना एवं अंतरिम बजट पर चर्चा कर उसे मंजूरी देने के बाद लोकसभा को लौटाया जाना सत्ता पक्ष और विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारी है जिसे पूरा किया जाना चाहिए।

आजाद ने सुझाव दिया कि आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया जाए। इसके लिए 10 घंटे नहीं तो कम से कम आठ घंटे तक बहस की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपने अपने मुद्दे उठाने के इच्छुक सदस्य राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उन्हें उठा सकते हैं। आजाद ने कहा कि कल 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पर चर्चा कर उसे मंजूरी दी जा सकती है और मंत्री के जवाब के बाद उसे लोकसभा को लौटाया जा सकता है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि सरकार इस सुझाव से सहमत है। उन्होंने कहा कि छह विधेयक भी पारित करने के लिए सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित करने एवं 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पर चर्चा कर उसे मंजूरी देने के बाद लोकसभा को लौटा दिये जाने के पश्चात, इन विधेयकों को पारित करने के लिए, अगर सदस्यों की सहमति हो तो बैठक को एक दो दिन के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। बहरहाल, गोयल के इस सुझाव पर सदस्यों ने नकारात्मक जवाब दिया। इसके बाद सदन में शून्यकाल आरंभ हुआ। गौरतलब है कि 13 प्वॉइंट रोस्टर, नागरिकता विधेयक सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण, संसद के वर्तमान सत्र के दौरान उच्च सदन में शून्यकाल, प्रश्नकाल एवं अन्य विधायी कामकाज नहीं हो पाया है।

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