महासमुंद: सिरपुर में आयोजित द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिषद एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन रविवार को हुआ। समापन समारोह के पहले देशभर से आए करीब 200 बौद्ध शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र पढ़े। इस दौरान मांग की गई कि सिरपुर को बौद्ध तीर्थ के रूप में स्थापित किया जाए। सिरपुर में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससई ने कहा कि बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए यह आयोजन किया गया था।
बौद्ध धर्म के जरिए विश्व शांति के साथ भाईचारे का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिरपुर को बौद्ध तीर्थ के रूप में विकसित करने की मांग समय-समय पर सरकार से की जाती रही है लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। सिरपुर को बौद्ध तीर्थ के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए। समारोह के अंतिम दिन धम्म देशनाओं के साथ प्रार्थना की गई। इसके अलावा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए लोगों ने लोक गीतों के साथ लोकनृत्य सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

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