स्वामी परिपूर्णानंद बीजेपी में शामिल
स्वामी परिपूर्णानंद बीजेपी में शामिल

नई दिल्ली : तेलंगाना विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी दक्षिण के योगी आदित्यनाथ माने जाने वाले फायरब्रैंड स्वामी परिपूर्णानंद पर दांव लगाने जा रही है। पार्टी की अब प्लानिंग है कि उन्हें तेलंगाना में बीजेपी के चेहरे के रूप में पेश किया जाए, ताकि सत्ता में रही तेलंगाना राष्ट्र समिति को चुनौती दे सके। इसी योजना के तहत ही स्वामी परिपूर्णानंद को शुक्रवार को बीजेपी में शामिल किया गया।
पार्टी को लग रहा है कि स्वामी के जरिये ही राज्य में भी पार्टी हिंदू वोटों को गोलबंद कर सकती है। इस बात की भी संभावना है कि उन्हें पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले सीएम पद का उम्मीदवार भी घोषित कर दे। स्वामी परिपूर्णानंद ने कहा कि वह एक कर्मयोगी के रूप में बीजेपी से जुड़े हैं। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि परिपूर्णानंद ने दक्षिण भारत में समाज सेवा की मिसाल पेश की है, उनकी मौजूदगी से बीजेपी को मजबूती मिलेगी।
बीजेपी ने इसलिए स्वामी पर लगाया दांव
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि स्वामी पर दांव लगाने की सबसे बड़ी वजह उनकी हिंदुत्ववादी छवि है और उन्हें योगी की तरह ही दबंग संत माना जाता है। आदिवासियों में भी उनकी जबरदस्त पकड़ है। हालांकि, स्वामी परिपूर्णानंद इससे पहले कभी राजनीति में नहीं रहे हैं, लेकिन लगभग दो महीने पहले जब उनके तीखे भाषणों की वजह से के. चंद्रशेखर राव सरकार ने उन्हें तड़ीपार किया, तो वह अचानक सुर्खियों में आ गए। उसके बाद ही आरएसएस समेत हिंदू संगठन खुलकर उनके पक्ष में आ गए। यही नहीं, हाई कोर्ट ने भी उन्हें तड़ीपार करने के सरकार के आदेश पर रोक लगा दी।
फायरब्रैंड नेता, जनता पर जबरदस्त पकड़
स्वामी परिपूर्णानंद की हिंदुत्व छवि की वजह से पार्टी को लग रहा है कि वह तेलंगाना में पार्टी की नैया पार लगा सकते हैं। ऐसी चर्चा है कि वह विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। गौरतलब है कि उन्हें बीजेपी में शामिल करने की चर्चा उस वक्त शुरू हो गई थी, जब बेंगलुरु में उनकी मुलाकात आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से हुई। उसके बाद तेलंगाना में ही बीजेपी के कई नेताओं ने खुलकर स्वामी का साथ दिया और उन्हें बीजेपी में शामिल करने के लिए दबाव भी बनाया।
स्वामी और योगी में कई समानताएं
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, स्वामी परिपूर्णानंद और योगी आदित्यनाथ में कई समानताएं हैं। मसलन, योगी की तरह ही स्वामी ने भी तेलंगाना में हिंदू वाहिनी की स्थापना की थी और खुलकर राज्य में हिंदू धर्म की स्थापना पर भी जोर देते रहे हैं। पार्टी को लग रहा है कि जिस तरह से उनकी जनता पर जबरदस्त पकड़ है, उससे पार्टी को बड़ा फायदा मिलेगा। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन उन्हें तेलंगाना में पार्टी के चेहरे के रूप में पेश करने की तैयारी में है।

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