बिजली कंपनी ने बनाये फ्यूज आफ काल सेंटर, होली पर बिजली गुल होने से कर्मचारियों के मोबाईल पर ही शिकायत दर्ज कर सकेंगे उपभोक्ता

कोरबा : होली के त्यौहार पर कोरबा जिले में बिजली गुल होने की शिकायत पर विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारी तत्काल सुधार कार्य करेंगे। कंपनी ने इसके लिए अतिरिक्त फ्यूज आफ काल सेंटर स्थापित कर दिए हैं। इन काल सेंटरों में 24 घंटे के लिए शिफ्टवार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वितरण कंपनी ने फ्यूज आफ काल सेंटर में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के मोबाईल नंबर भी सार्वजनिक कर दिए हैं। होली के त्यौहार पर जिले में कहीं भी बिजली व्यवधान होने पर उपभोक्ता सीधे इन नंबरों पर फोन करके जानकारी दे सकेंगे और संबंधित कर्मचारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए विद्युत व्यवस्था बहाल की जायेगी।

भाजपा को सीट जीतने वाले उम्मीदवार नहीं मिल पाएंगे : कांग्रेस

रायपुर: भाजपा द्वारा अपने 10 वर्तमान लोकसभा सदस्यों सहित सभी 11 लोकसभा प्रत्याशियों का टिकट काटने के फैसले पर त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी में कहा है कि चौकीदार डर गया। भाजपा आसमान से तोडक़र लायें या पाताल से फोडक़र निकाल, भाजपा को सीट जीतने वाले उम्मीदवार नहीं मिल पाएंगे।
राज्य की कांग्रेस सरकार के काम के कारण और केंद्र की मोदी सरकार के प्रति नाराजगी के कारण सभी 11 सीटों पर कांग्रेस को मिलेगी जीत। नोट बंदी जीएसटी 10 करोड़ रोजगार 100 दिन में काला धन की वापसी मजबूत लोकपाल भ्रष्टाचार की समाप्ति जैसे वादों को पूरा न कर पाने के कारण भाजपा की मोदी सरकार के प्रति जनता का गुस्सा इन 11 उम्मीदवारों के बदलने से शांत नहीं होगा। अब मोदी सरकार की रवानगी तय है। विगत 15 वर्षों में जिस तरह से भाजपा के लोकसभा सदस्यों ने छत्तीसगढ़ के हितों और हकों की उपेक्षा की और लोकसभा में कभी छत्तीसगढ़ वासियों की कोई आवाज नहीं उठाई उसके कारण पूरे प्रदेश में भाजपा के सांसदों के प्रति गहरी नाराजगी व्याप्त है भारतीय जनता पार्टी ने एंटी इनकंबेंसी से बचने के लिए भले ही मजबूरी में ही सही यह फैसला लिया है लेकिन इससे भाजपा को कोई चुनावी लाभ नहीं मिल पाएगा विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने अपने विधायकों की टिकट काटने का यह फार्मूला आजमाया था लेकिन इस फार्मूले के तहत भारतीय जनता पार्टी के जिन जिन नए प्रत्याशियों को मौका दिया गया उनको भी हार मिली लोकसभा चुनाव में भी यही दोहराया जाएगा और सभी 11 सीटों पर जनता की गहरी नाराजगी के चलते भाजपा उम्मीदवारों को हार का मुंह देखना पड़ेगा ।

10 साल तक की फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी, मामला सामने आते ही नौ दो ग्यारह

बालोद: जिले के शिक्षा विभाग में फर्जी डिग्रियों से नौकरी करना का बड़ा मामला सामने आया है। मामले की प्रमाण सहित की गई शिकायत में जांच के बाद ऐसे फर्जी शिक्षक पकड़े गए हैं। इससे यह तय हो गया कि बालोद जिले में भी फर्जी डीएड, बीएड सहित अन्य डिग्रियों की मार्कशीट जमा कर शिक्षाकर्मी की नौकरी करने का खेल चल रहा है। विगत 10 वर्षों से वर्ग तीन में शिक्षाकर्मी की नौकरी कर रहे हैं। प्रमाण में मिले फर्जीवाड़े के तहत जिले के गुरुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मुड़गहन के आश्रित ग्राम सल्हेभाट के प्राथमिक शाला में फर्जी डीएड की मार्कशीट जमा कर दो शिक्षक बीते 10 वर्षों से वर्ग तीन शिक्षाकर्मी की नौकरी कर रहे हैं। इस मामले के खुलासे के बाद तो अब शिक्षा विभाग सहित अन्य शिक्षाकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षा विभाग भी इन दोनों शिक्षकों पर कार्रवाई करने की भी तैयारी कर ली है। शासन-प्रशासन के साथ धोखाधड़ी करने के इस मामले में दोनों शिक्षकों को जेल भी हो सकती है। मंगलवार को गुरुर बीईओ प्रदीप राय ने स्कूल का निरीक्षण किया तो पाया कि उक्त दोनों शिक्षक बिना जानकारी दिए स्कूल में अनुपस्तिथ हैं। बीईओ श्री राय ने हाजिरी रजिस्टर में गैरहाजिर लिखा हैं। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने कहा इस मामले को बारीकी से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

पैसे देकर बना ली फर्जी मार्कशीट-
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुर ब्लॉक के ग्राम साल्हेभाट के वर्ग तीन के शिक्षाकर्मी भगवती प्रसाद देवांगन व इसी स्कूल के ही वर्ग तीन के शिक्षाकर्मी पद पर पदस्थ चंद्रभूषण बांधे ने फर्जी डीएड की मार्कशीट जमा कर शासकीय नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने डीएड किया ही नही हैं। 10 वर्षो से शासन-प्रशासन को गुमराह किए जा रहे हैं।

एक की जांच में मिला इसकी कोई परीक्षा नहीं दी-
इस मामले की जब जांच हुई, तो जांच में पता चला कि चंद्रभूषण बांधे ने जो मार्कशीट जमा किए हैं उसमें सन 2004 में डीएड किए होना बताया गया है, पर जब इस मामले की जांच हुई तो पाया गया कि चंद्रभूषण 2004 में हुए डीएड की परीक्षा में बैठे ही नहीं थे, बल्कि इन्होंने फर्जी मार्कशीट बनवाकर जमा किए हैं। इधर भगवती प्रसाद देवांगन ने तो सन 2006 में खैरागढ़ से डीएड करने का मार्कशीट जमा किया है, पर जब उनकी मार्कशीट की जांच की गई, तो कोई भीमसेन ध्रुव के नाम से निकला, पर वह अनुत्तीर्ण था। इधर भगवती के नाम से उत्तीर्ण होने की मार्कशीट बनाकर नौकरी लग गई है।

7 फरवरी को हुई थी दोनों के खिलाफ शिकायत, विभाग ने थमाया नोटिस-
इस मामले की शिकायत 7 फरवरी 2019 को हुई थी, जिस पर शिक्षा विभाग ने 25 फरवरी को राज्य माध्यमिक शिक्षण संस्थान को इन दोनों शिक्षकों के डीएड मार्कशीट की जानकारी मांगी, जिसमें संस्थान ने रिपोर्ट दी कि जांच में पाया गया है कि चंद्रभूषण ने अभी तक डीएड की परीक्षा ही नहीं दिलाई है। वहीं भगवती प्रसाद का भी मार्कशीट नहीं है। जिस मार्कशीट पर नंबर है वह दूसरे के नाम से है। इधर शिक्षा विभाग ने इन दोनों शिक्षकों को नोटिस भी जारी कर दिया है।

आरोपी शिक्षकों ने कहा आरोप गलत, मार्कशीट सही-
इस मामले में नोटिस मिलने पर दोनों शिक्षकों ने शिक्षा विभाग को जवाब दिए हैं कि उन पर लगे आरोप गलत हैं। उनके द्वारा दिए गए मार्कशीट सही है। भले ही शिक्षक इस आरोप को गलत मान रहे हैं, पर इस मामले में हुई जांच और जांच रिपोर्ट तो इन शिक्षकों को दोषी बता रहे हैं।

जाएंगे जेल या फिर हो जाएंगे बर्खास्त-
अभी तक की जांच में ये बात सामने आई है कि दोनों शिक्षकों द्वारा फर्जी दस्तावेज जमा कर बीते लगभग 10 वर्षों से नौकरी कर रहे हैं। दोनों की पदस्थापना जनपद पंचायत गुरुर ने की थी जिसमें चंद्रभूषण बांधे की पदस्थापना 27 जुलाई 2008 को बिच्छीबाहरा में की गई थी, जिसके बाद ट्रांसफर होकर साल्हेभाट आ गया। साथ ही 27 जुलाई 2008 को ही भगवती प्रसाद देवांगन की भी पोस्टिंग 27 जुलाई 2008 को साल्हेभाट में हुई थी। इस गंभीर मामले के बाद अब दोनों को शासन-प्रशासन को धोखा देने के मामले में जेल या फिर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा सकती है।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे-
जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने कहा इस मामले की जानकारी है। मामले को और गंभीरता से देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। शिक्षा के मंदिर को बदनाम करने वालो को बख्शा नही जाएगा।

देशी शराब की कीमत में 10 से 20 रूपए की अघोषित मूल्य वृद्धि

रायपुर-भिलाई: होली पर्व के मद्देनजर राजधानी रायपुर सहित दुर्ग जिले की शराब दुकानों में अचानक अघोषित शराब की कीमत में वृद्धि के बाद भी देशी शराब की खपत में कोई कमी नहीं आ रही है। उल्टे देशी शराब की खपत पिछले एक पखवाड़े में और ज्यादा बढ़ गई है। बताया जाता है कि शराब दुकानों में अध्धी की कीमत में 10 रूपए तथा बोतल में 20 रूपए की अघोषित मूल्य वृद्धि की गई है।
ज्ञात हो कि होली पर्व के मद्देनजर शराब की खपत में होने वाली वृद्धि को देखते हुए अघोषित रूप से शराब की कीमत में 10 से 20 रूपए तक की वृद्धि कर दी गई थी। शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा यह वृद्धि अचानक की गई थी। इस आशय के समाचार प्रकाशित होने के बाद पूरे प्रदेश भर में छापामार कार्यवाही को अंजाम दिया गया। लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आया है। सूत्रों की माने तो सबसे ज्यादा शिकायतें रायपुर और दुर्ग जिले की शराब दुकानों से आ रही है। इन दोनों जिलों की देशी और विदेशी मदिरालयों में अधिक कीमत पर शराब विक्रय किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो इस वर्ष होली पर्व के मद्देनजर अंग्रेजी के साथ ही देशी शराब की कीमत में भी अघोषित वृद्धि की गई है। भिलाई सूत्रों की माने तो नगर के सुपेला इलाके के देशी शराब दुकान में यह शिकायत सबसे अधिक है। यहां देशी शराब के अध्धी बोतल में 10 रूपए तथा बोतल में 20 रूपए तक की अघोषित मूल्य वृद्धि कर दी गई है। कुछ इसी तरह की शिकायतें दुर्ग जिले में संचालित अन्य देशी और विदेशी शराब दुकानों से भी आ रही है। विदित हो कि कुछ माह पूर्व ही दुर्ग जिले में बिक रही देशी शराब की क्वालिटी खराब आने के बाद दर्जनों लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच गए थे। इसके बाद देशी मदिरा के गुणवत्ता को फिर से सुधारा गया, वर्तमान में आलम यह है कि दुर्ग जिले में पिछले एक पखवाड़े में देशी शराब की खपत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है।

बस्तर में इतिहास बना फाग गीत ,परम्पराओं के लुप्त होने का खतरा बढ़ा

जगदलपुर: होली के अवसर पर शहर गांव तथा मोहल्ले-मोहल्ले में नगाड़े की थाप के साथ गाए जाने वाले फाग गीतों के आयोजन अब यदा-कदा ही दिखायी पड़ते हैं। वैसे तो फागुन तरूणाई का त्यौहार है तथा इसमें सभी का उल्लास और उत्साह कम नहीं होता, लेकिन इस बार छात्र-छात्राओं की शुरू हो रही परीक्षाओं तथा रंग गुलाल व पिचकारियों, मुखौटों व मिठाईयों की कीमत में आई तेजी से त्यौहारों का चलन सिमटता जा रहा है।
शहर के शंकर देवालय में बसंत पंचमी से लेकर रंग पंचमी तक फाग गीतों की धूम रहती थी, तथा फाग गाने वाले टोली घर-घर पहुंचकर ढोल नगाड़ों की थाप पर फाग गीत गाकर अपने उल्लास का प्रदर्शन गुलाल उड़ाते हुए करते थे। पहले मंदिर में होली जलती थी, जिससे आग लेकर घर का मुखिया घर आता था और गोबर के उपलों की सहायता से बनाए गए होलिका का दहन किया जाता था। अब यह सब परम्पराए बीते दिनों का इतिहास बनती जा रही है। फाग गीत का मुख्य उद्देश्य आपसी स्नेह और सद्भावना में वृद्धि कर सामुदायिक एकता की भावना को गाढ़ा करना होता है, लेकिन नई पीढ़ी अपनी परम्पराओं को छोड़ती जा रही है। फाग गीतों के प्रति नई पीढ़ी के लोगों का रूझान कम हुआ है तथा वे ईमेल, वाट्सअप, फेसबुक के माध्यम से होली मना रहे हैं।
होली पर लोग एक दूसरे के घर जाने के बजाए घर पर ही होली के गीत सुनना ज्यादा पसंद करते हैं तथा होटल की बनी हुई रेडीमेड मिठाईयों के सहारे गृहणियां भी त्यौहार मनाना पसंद करती हैं। अब गृहस्वामिनी के हाथों से बनी गुझिया का स्वाद कहां रहा। बढ़ती महंगाई तथा हर चीज के हो रहे व्यवसायीकरण के कारण यह हश्र हुआ है कहीं ऐसा न हो कि होली के समय गाए जाने वाले फाग गीत भी इतिहास के विषय बनकर न रह जायें। कुछ बड़े अखबारों ने केवल तिलक लगाकर होली मनाने तथा पानी बचाने का आंदोलन छेड़ा है, लेकिन गोरी के गालों पर गीला चूड़ी रंग लगाए तथा उसे रंग से सराबोर किए बिना कैसी होली। रंग भी ऐसा पक्का हो कि उसे साबुन से छुड़ाते-छुड़ाते हफ्तों लग जायें। अब नृत्यगान की परम्परा तथा हफ्तों पहले से कानों में सुनाई पडऩे वाले नगाड़े की थाप तथा फाग गीत कहां रस घोलते हैं कानों में। नई पीढ़ी के फाग गीतों में रूचि न लेने के कारण परम्पराओं के विलुप्त होने का खतरा बराबर मंडरा रहा है।

बिलासपुर शिक्षा विभाग का नया कारनामा, मृत शिक्षक के नाम पर महीनों जारी किया गया वेतन

बिलासपुर: शिक्षा विभाग मे चाहे जो भी हो जाए कम ही होगा ताजा मामला बिलासपुर जिले का है, जहां एक शिक्षक की मौत के बाद शिक्षा विभाग के अफसरों ने उसकी मृतात्मा से स्कूल में पढ़ाई भी करवा डाली और बदले में उस मृतात्मा को महीनों तक वेतन भी दिया । अब जब भूतों को वेतन बांटने का खेल खुला तो अफसरों के हाथ पांव फूले हुए हैं। इस मामले में बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
मामला बिलासपुर के बिल्हा का है, जहां बिल्हा ब्लाक के शासकीय मीडिल स्कूल मंगला पासीद में पदस्थ रुक्च शिक्षक दीपक शर्मा की 5 महीने पहले मृत्यु हो गयी थी। मृत्यु के बाद महीनों तक नियमित रूप से शिक्षक का वेतन भुगतान होता रहा। घटना का खुलासा तब हुआ, जब परिजनों द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन दिया गया।
अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पर विभाग ने हैरत जतायी कि जीवित शिक्षक के लिए अनुकंपा की नियुक्ति का आवदेन कैसे किया जा रहा है, क्योंकि बीईओ के दस्तावेज में शिक्षक दीपक नियमित स्कूल भी आते थे और उनका वेतन भी निर्गत होता था, जबकि सच्चाई ये थी कि दीपक शर्मा की मृत्यु महीनों पहले हो चुकी थी। मामला उजागर हुआ इसके बाद विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय में हडक़म्प मच गया।आनन फानन मे शिक्षकों के परिजनों को बुलाकर जारी वेतन की रिकवरी की गई।
ये कोई पहला मामला नहीं है जब बिल्हा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय इस तरह की कारगुजारियों से बदनाम हुआ है, उससे पहले भी बिल्हा में महीनों गायब शिक्षाकर्मियों को नियमित रूप् से वेतन जारी होने के कई मामले उजागर हो चुके है। जानकारी के मुताबिक शिक्षक एलबी दीपक शर्मा का विगत सितम्बर माह में निधन हो गया, जिसके बाद प्रधान पाठक ने उसकी उपस्थिति भेेजना बंद कर दिया। लेकिन बीईओ आफिस के कुछ होनहार अधिकारी व कर्मेचारी बिना उपस्थिति पंजी के ही वेतन जारी करते रहे। इस बीच मृत शिक्षक के परिजनों ने अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन दिया। उसको दबाने के लिए शिक्षक के परिजनों को बुलाकर पांच माह तक जारी वेतन की रिकवरी करा ली गई।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की जानकारी उन्हें नहीं थी, अब मामला सामने आया है, जिसके बाद अब जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी।

रेखा नायर के फार्म हाउस में एसीबी-ईओडब्ल्यू की दबिश

रायपुर: एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने एक बार फिर से निलंबित डीजीपी मुकेश गुप्ता की स्टेनो रही रेखा नायर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आज संयुक्त टीम ने रेखा नायर के नरदाहा स्थित फार्म हाउस में दबिश देकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक की जांच-पड़ताल में यह पता चला चुका था कि रेखा नायर का विधानसभा के आगे स्थित ग्राम नरदाहा में भी एक फार्म हाउस है। इस फार्म हाउस में कृषि कार्य किया जाता रहा है। आज की जांच कार्यवाही का जिम्मा डीएसपी रेंक के दो अफसरों को दी गई है। बताया जाता है कि दोनों अफसर अपनी टीमों के साथ नरदाहा पहुंचकर जांच-पड़ताल में जुट गए हैं। समाचार लिखे जाने तक फार्म हाउस में जांच कार्यवाही जारी थी।
ज्ञात हो कि इसके पूर्व एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने रेखा नायर के भिलाई स्थित आवास में भी दबिश दी थी। बताया जाता है कि भिलाई से भारी संख्या में संपत्तियों के दस्तावेज आदि बरामद किए गए थे, जिनकी सूक्ष्मता से पड़ताल की जा रही है। इन्हीं दस्तावेजों में नरदाहा ग्राम में स्थित फार्म हाउस के बारे में भी पता चला था। इसके बाद से ही जांच दल ने नरदाहा ग्राम के फार्म हाउस के बारे में पड़ताल शुरू कर दी थी, पड़ताल में कुछ अहम सुराग हाथ लगते ही आज टीम ने यहां छापामार कार्यवाही की है।

लोकसभा चुनाव : छग में राहुल-प्रियंका गांधी की आमसभा कराने की तैयारी

रायपुर: लोकसभा चुनाव की तैयारियों में आगे चल रहे कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए बकायदा रोडमैप तैयार कर लिया है। यही नहीं कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची भी तैयार होा रही है, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की आमसभा कराने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करने कांग्रेस ने कमर कस ली है। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव की तर्ज पर कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी भाजपा से आगे चल रही है। कल कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस समन्वयक समिति और चुनाव प्रचार समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के सभी 90 विधानसभा इलाकों को कव्हर करने तथाा व्यापक प्रचार की रणनीतियों पर मंथन किया गया। इधर पीसीसी सूत्रों की माने तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी अपने स्तर पर चुनाव की सारी तैयारियां पूरी कर चुका है। केन्द्रीय चुनाव समिति द्वारा चुनाव में बेहतर जीत दर्ज करने के लिए स्टार प्रचारकों की सूची भी तैयार की जा रही है। पीसीसी की मंशा है कि प्रदेश की सभी 11 लोकसभा सीटों में जीत दर्ज करने के लिए यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की आमसभा कराई जाए। उनकी आमसभा कहां होगी, कब होगी? इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, पीसीसी का पूरा प्रयास होगा कि दोनों ही नेताओं को प्रदेश में कांग्रेस के प्रचार के लिए बुलाया जाए, इससे निश्चित रूप से कांग्रेस पार्टी को चुनाव में लाभ मिलेगा।

बालोद यातायात विभाग के सामने कस्टडी में खड़ी 3 वाहनों से 300 लीटर से ज्यादा डीजल चोरी, मचा हड़कंप

बालोद : यातायात विभाग कार्यालय के सामने कस्टडी में रखी गई 3 वाहनों से 300 लीटर से ज्यादा डीजल चोरी होने का बड़ा मामला सामने आया है। जिससे यातायात विभाग सहित शहरवासियों में हड़कम्प मच गया हैं। दरसअल 16 मार्च को यातायात विभाग द्वारा ओवरलोड व ड्रिंक एंड ड्राइव के केस में 3 हाइवा व ट्रकों पर कार्यवाही करते हुए यातायात विभाग ने अपनी कस्टडी में लिया था। उक्त सभी वाहनों को नगर के जयस्तम्भ चौक स्तिथ यातायात कार्यालय के सामने ही खड़ा कर रखा गया था और सभी वाहनों की चाबी को थाने में सुपुर्द किया गया था। 16 मार्च को चारामा से रेत भरकर एक हाइवा क्रमांक सीजी 08 7711 को ओवरलोड तथा ट्रक क्रमांक सीजी 19 7706 को ड्रिंक एंड ड्राइव के केस में यातायात विभाग द्वारा कार्यवाही की गई थी।

16 मार्च से अब तक सभी वाहन यातायात विभाग कार्यालय के सामने ही खड़ी थी। जिसकी चाबी भी थाना में 16 मार्च को जमा कराई गई थी। कोर्ट में हर्जाना जमा करने के बाद भी वाहनों को खड़ा कर रखा गया था। वाहनों के मालिक ने आरोप लगाया है कि तीनों गाड़ियों में 14-14 हजार रुपये का डीजल मौजूद था। डीजल टंकी का ताला तोड़कर डीजल चोरी किया गया हैं। मामले की जानकारी लगते ही मौके पर डीएसपी ने पहुच वाहन के मालिक से एक लिखित में शिकायत देने व 1 महीने का डीजल का हिसाब देने की बात कही हैं। जिसके बाद जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया घायल जवानों के सर्वोत्तम इलाज का निर्देश

रायपुर: दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले में शहीद जवान को अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है।
ज्ञात हो कि ककल देर शाम दंतेवाड़ा में नक्सलियों से हुए भुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया था, वहीं सीआरपीएफ के 6 जवान बुरी तरह से घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी ट्वीट में लिखा है-दंतेवाड़ा में नक्सली मुठभेड़ में जवान के शहादत की खबर सुन स्तब्ध हूं। उनकी वीरता को मेरा प्रणाम। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। प्रशासन को उचित एवं सर्वोत्तम इलाज के निर्देश दे दिए गए हैं।
ज्ञात हो कि दंतेवाड़ा के अरनपुर थाना क्षेत्र के कोंडासांवली और कमलपोस्ट के बीच नक्सलियों ने सीरियल ब्लास्ट करते हुए अंधाधुंध फायरिंग किया था। इसमें सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया था और करीब आधा दर्जन बुरी तरह से घायल हो गए थे।