आपके पास भी जरूर होने चाहिए ये स्टाइलिश हेयर अक्सेसरीज

जब बात खूबसूरत हेयर स्टाइल की आती है तो उसके साथ ही चर्चा शुरू हो जाती है हेयर अक्सेसरीज की। एक बेहद खूबसूरत हेयर स्टाइल मैचिंग हेयर अक्सेसरी के बिना अधूरा सा लगता है। लिहाजा अगर आप भी अपने बालों को मेकओवर देना चाहती हैं तो बालों को सिंपल तरीके से सिर्फ खुला रखने की बजाए क्यों न अलग-अलग हेयर स्टाइल ट्राई करें और उन्हें अक्सेसरीज की मदद से बनाएं और भी इंट्रेस्टिंग की लोगों की नजर टिक जाए…
हेयर बैंड
जब बात हेयर अक्सेसरीज की आती है तो उसमें सबसे पहले नंबर आता है हेयर बैंड का। जब आप किसी पार्टी में या दोस्त के संगीत में फ्री होकर डांस करना चाहती हैं तो हेयर बैंड आपके बहुत काम आ सकते हैं क्योंकि इसके जरिए आप बालों को चेहरे पर आने से रोक सकती हैं। हेयर बैंड एक ऐसी अक्सेसरी है हो हर तरह के और हर लंबाई के बालों पर सूट करता है। कुछ हेयरबैंड्स बेहद सिंपल और प्लास्टिक या कपड़े के बने होते हैं तो कुछ पर डिजाइनर वर्क किया होता है जो इनकी खूबसूरती को और बढ़ाता है।
हेयरपिन
काले रंग की नॉर्मल बॉबी पिन से अलग हटकर पर्ल या फिर किसी और चीज से सजी हुई हेयर पिन्स ट्राई करें। आप चाहें तो इन्हें बालों पर लगाकर आसपास मौजूद लोगों के बीच अटेंशन गेन कर सकतीं हैं

नाएं और भी इंट्रेस्टिंग की लोगों की नजर टिक जाए…
हेयर बैंड
जब बात हेयर अक्सेसरीज की आती है तो उसमें सबसे पहले नंबर आता है हेयर बैंड का। जब आप किसी पार्टी में या दोस्त के संगीत में फ्री होकर डांस करना चाहती हैं तो हेयर बैंड आपके बहुत काम आ सकते हैं क्योंकि इसके जरिए आप बालों को चेहरे पर आने से रोक सकती हैं। हेयर बैंड एक ऐसी अक्सेसरी है हो हर तरह के और हर लंबाई के बालों पर सूट करता है। कुछ हेयरबैंड्स बेहद सिंपल और प्लास्टिक या कपड़े के बने होते हैं तो कुछ पर डिजाइनर वर्क किया होता है जो इनकी खूबसूरती को और बढ़ाता है।
हेयरपिन
काले रंग की नॉर्मल बॉबी पिन से अलग हटकर पर्ल या फिर किसी और चीज से सजी हुई हेयर पिन्स ट्राई करें। आप चाहें तो इन्हें बालों पर लगाकर आसपास मौजूद लोगों के बीच अटेंशन गेन कर सकतीं हैं।


हेयर स्कार्फ
स्कार्फ सिर्फ सर्दियों में इस्तेमाल करने की चीज नहीं है बल्कि आप चाहें तो उसे अपने बालों में स्टाइलिश तरीके से इस्तेमाल कर फैशन आइकन बन सकती हैं। हेयर स्कार्फ को आप एक बेहतरीन अक्सेसरी के तौर पर भी यूज कर सकती हैं।

खाली पेट पिएं काला नमक मिला पानी, होंगे ये 5 फायदे

भीषण गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और इस सीजन में लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत पेट से जुड़ी परेशानियों की वजह से होती है। गर्मी के मौसम में बदहजमी, सीने में जलन, पेट में गैस जैसी दिक्कतें होना आम बात है। ऐसे में पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए आपको सिर्फ एक काम करना है और वह है काला नमक का सेवन। काले नमक को आयुर्वेद में ठंडी तासीर का मसाला माना जाता है और इसका इस्तेमाल पाचन सहायक के रूप में किया जाता है। ऐसे में अगर आप हर दिन सुबह खाली पेट 1 गिलास गुनगुने पानी में चुटकी भर काला नमक मिलाकर पीना शुरू कर दें तो सिर्फ पेट की समस्याएं ही नहीं बल्कि सेहत से जुड़ी कई दूसरी दिक्कतें भी आसानी से दूर हो जाएंगी…
पेट की गैस से छुटकारा
जिन लोगों को अक्सर पेट में गैस की समस्या रहती है उनके लिए काला नमक का पानी रामबाण की तरह है। गैस से छुटकारा पाना है तो एक कॉपर का बरतन गैस पर चढ़ाएं, फिर उसमें काला नमक डाल कर हल्का चलाएं और जब उसका रंग बदल जाए तब गैस बंद कर दें। फिर इसका आधा चम्मच लेकर एक गिलास पानी में मिक्स कर पिएं। पेट में गैस बनने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
पाचन दुरुस्त कर जलन से राहत
काले नमक वाला पानी मुंह में लार वाली ग्रंथी को सक्रिय करने में मदद करता है। पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक ऐसिड और प्रोटीन को पचाने वाले एंजाइम को उत्तेजित करने में मदद करता है जिससे भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। साथ ही क्षारीय प्रकृति का होने के कारण काला नमक पेट में जाकर ऐसिड को काटता है और सीने की जलन व ऐसिडिटी की समस्या को ठीक करता है।
नींद में फायदेमंद
काले नमक में 80 तरह के खनिज पाए जाते हैं जो हमारी तंत्रिका तंत्र को शांत करते हैं। काला नमक, कोर्टिसोल और ऐड्रनलाइन, जैसे दो खतरनाक स्ट्रेस हॉर्मोन्स को कम करता है। इसलिए काला नमक मिला पानी पीने से रात को अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।
क्रैंप्स में आराम दिलाए
काले नमक में पोटैशियम होता है जो हमारी मांसपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है। इसलिए काले नमक को रोजाना खाने में शामिल करें जिससे मसल स्पैज्म और क्रैंप्स ना हो।

रोजाना खाएं चेरी फ्रूट, सेहत को मिलेंगे 6 बेमिसाल फायदे

चेरी गर्मियों और मानसून का खट्टा-मीठा फल है, इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, कई तरह के विटामिन (ए, बी, सी), बीटा कैरोटीन, कैल्शियम, लोहा, पोटेशियम, फॉस्फोरस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते है। आइए, आपको बताते हैं रोजाना चेरी खाने के फायदे-
आंखों को फायदा –
चेरी में भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है। इसलिए इसी नियमित खाना आंखों के लिए फायदेमंद होता है।
याद्दाशत बढाएं –
माना जाता है कि चेरी में याद्दाशत बढाने वाले गुण भी पाए जाते हैं।
अनिद्रा से छुटकार –
चेरी में मेलाटोनिन की बहुत मात्रा होती है, जो अनिद्रा व नींद की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
हड्डियां मजबूत –
इसे नियमित खाने से हाथ-पैर की हड्डियों में होने वाले दर्द व हड्डियों की समस्याओं से राहत मिलती है।
दिल को रखे हैल्दी –
चेरी में आयरन, मैगनीज, जिंक, पोटेशियम आदि कई पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें बिटा कैरोटीन भी होता है जो दिल की बीमारी को दूर करने में मदद करता है।

10 चीजें जिन्हें फ्रिज में नहीं रखना चाहिए

हमें लगता है खाने की चीज़ें फ्रिज में रखकर फ्रेश रहेंगी इसलिए फ्रिज में रखकर कई दिनों तक खाते है. लेकिन ये बात हर फूड पर लागू नहीं होती. खाने की कुछ चीज़ें ऐसी भी हैं, जिन्हें सेहत के मद्देनजऱ फ्रिज में रखने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं कौन सी हैं वे चीज़ें.
आलू- आलू को कायदे से पेपर या नेट बैग में ठंडी, सूखी जगह पर रखना चाहिए. यानी आलू को रसोई में रखा जा सकता है. फ्रिज रखने से आलू का स्टार्च शुगर में बदल जाता है. फिर खाने में उसके स्वाद में मिठास सी आती है. साथ ही फ्रिज में रखे आलू को पकाने के बाद उसके रंग मे बदलाव आता है. आलू को स्टोर करने से पहले धोना नहीं चाहिए. जब पकाएं, तभी धोएं.
प्याज- प्याज को भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. क्योंकि फ्रिज की नमी से प्याज मुलायम होगी और फिर सडऩे लगेगी. प्याज को सूखी और साफ सुथरी जगह रखना चाहिए. ध्यान रखें प्याज जहां रखी है, वह डिब्बा बंद जैसी चीज़ में न हो. प्याज को हवा लगती रहनी चाहिए.
टमाटर- टमाटर को फ्रिज में रखने से उसके अंदर की झिल्ली क्षतिग्रस्त हो जाती है. जिसके बाद उसका स्वाद बदलता है. फ्रिज में रखे टमाटर में पानी ज्यादा हो जाता है, देर से भी गलता है. फ्रिज में रखने से बेहतर है, टमाटर को खुली टोकरी में रसोई में रखे. ऐसा करने से टमाटर अच्छी तरह पकेंगे और उसका स्वाद भी नहीं बदलता.


लहसुन- लहसुन भी उन फूड्स में से एक है, जिसे फ्रिज में न रखकर सूखी, ठंडी जगह पर रखना चाहिए. फ्रिज में रखने से लहसुन अंकुरित हो जाता है और रबड़ की तरह खिचता है.
ब्रेड- ब्रेड एक ऐसा फूड-स्टफ है जिसे सभी बिना कुछ जाने समझे फ्रिज में रखते हैं. जबकि असल में ब्रेड फ्रिज में नहीं रखना चाहिए क्योंकि फ्रिज में रखने से ये कड़ा हो जाता है. नमी और ठंडे तापमान में रखने से इसके बासी होने की प्रक्रिया तेज होती है.
शहद- शहद फ्रिज में रखने से दानेदार और गांठदार हो जाता है. शहद को फ्रिज से बाहर रखें तो यह ज्यादा फ्रेश रहेगा.


एवोकाडो- एवोकाडो फ्रूट है. सब्जी नहीं. लेकिन इसे फ्रिज के बाहर रखना सही है. फ्रिज में रखने से एवोकाडो के पकने की प्रक्रिया में बाधा आती है. एवोकाडो के पकने से जुड़ा एक रोचक तथ्य ये भी है कि एवोकाडो को केले के पास रखने से उसके पकने की प्रक्रिया में तेजी आती है.
केला- अगर आपने ऐसे केले खरीदे हैं जो पकने बाकी हैं तो उन्हें फ्रिज में रख सकते हैं. खाने लायक, पके पकाए केले को फ्रिज में रखने से वह और ज्यादा पक जाता है. साथ ही उसका छिलका भी काला पड़ जाता है.


तरबूज, खरबूजा बिना कटे तरबूज या खरबूजे को फ्रिज में रखने से वह बेशक ठंडे तो होते हैं. लेकिन चिलिंग इफेक्ट तरबूज, खरबूजा के न्यूट्रिशनल वैल्यू को प्रभावित करता है. बेहतर है उन्हें फ्रिज से बाहर फ्रूट टोकरी में ही रखें. हालांकि कटे तरबूज या खरबूजे के टुकड़ों को, जितना खाना है, उतने को फॉइल में लपेटकर फ्रिज मे रख, ठंडा कर खा सकते हैं.
ऑलिव ऑयल- ऑलिव ऑयल को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए. फ्रिज में रखने से ये गाढ़ा होता है. गाढ़ा होकर हार्ड-बटर जैसा लगता है. अन्य तेलों की तरह, ऑलिव ऑयल को भी नॉर्मल ठंडी पर रखना चाहिए.

गर्मी में ये फल स्वाद के साथ सेहत का भी रखेंगे खयाल

गर्मी का मौसम आ चुका है और धीरे-धीरे गर्मी अपनी रफ्तार पकड़ रही है। इस मौसम में धूप और गर्म हवा से लोग परेशान होने लगते हैं और लोगों का स्वास्थ्य खराब होने लगता है। इन समस्याओं से बचाव के लिए अपना खयाल रखने की जरूरत होती है। इसके लिए सबसे बेहतरीन उपाय अधिक से अधिक फलों का सेवन करना, जो आपको गर्मी में होने वाली दिक्कतों से बचा सकें। यहां पर उन फलों के बारे में बताएंगे, जिसके खाने से आपको भरपूर स्वाद तो मिलेगा ही, इसके साथ ही शरीर को ज्यादा मात्रा में पोषक तत्व और पानी मिल सके।
तरबूज और खरबूज
तरबूज और खरबूज ऐसे फल हैं, जिनसे हमारे शरीर को गर्मी के मौसम में भरपूर पानी मिलता है और शरीर को ठंडा रखने में मदद मिलती है। तरबूज में लाइकोपिन, ऑक्सीडेंट और कई विटामिन पाए जाते हैं। इससे मधुमेह, डिप्रेशन, पेट के रोगों से निजात मिलती है। वहीं, खरबूज में एंटी-ऑक्सीडेंट और कई विटामिन पाए जाते हैं। खरबूज दिल और कैंसर की बीमारी मे फायदा करता है।
लीची
गर्मी के मौसम में लीची बहुत फायदेमंद है। इससे हमारे शरीर को ठंडक मिलती है। लीची में साइट्रिक एसिड, विटामिन सहित कई पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। ये सभी गर्मी शरीर में पानी व खनिज लवणों की कमी को पूरा करते हैं। लीची खाने से पेट दर्द, आंत की बीमारी, कब्ज आदि में बहुत फायदा करता है। इसलिए गर्मी के मौसम में लीची जरूर खानी चाहिए।
आम
फलों का राजा आम गर्मी के मौसम में होता है। इस मौसम में आम उस समय स्वाद का ध्यान रखता है जब हमारे मुंह का टेस्ट खराब हो जाता है और कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती है। इसके साथ ही आम में मैनिशियम, पोटेशियम, मैग्निशियम सहित कई खनिज लवण होते है। आम से हृदय संबंधी रोग, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा होती है।
ककड़ी और खीरा
गर्मी के मौसम में ककड़ी और खीरा आपको डीहाइड्रेशन से बचाता है और टॉक्सिंस को शरीर से बाहर करता है। इसके अलावा ये दोनों शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं। खीरा और ककड़ी में कई पोषक तत्व होते हैं। ये दोनों शुगर, कब्ज़, बदहजमी, अल्सर और पेट दर्द सहित कई बीमारी में फायदा करता है।
नारियल
नारियल और नारियल का पानी गर्मी से बचाने के लिए बहुत असरकारक है। नारियल के पानी स्वाद जरूर नहीं होता है लेकिन इससे शरीर को कई फायदें होते हैं। नारियल मधुमेह, सिरदर्द, पेट के कीड़े होने जैसी कई दिक्कतों से सुरक्षा करता है।
बेल
बेल का फल और इसका शर्बत दोनों गर्मी में रामबाण हैं। बेल बदहजमी, शुगर, हृदयरोग, भूख न लगना, जलन सहित कई रोग में फायदा करता है। वहीं, बले का शर्बत पेट साफ करने में सहायक होता है।

होममेड पील ऑफ मास्क से करें स्किन की सुरक्षा, घर पर ऐसे बनाएं

घर से बाहर निकलते ही हमारी त्वचा पर धूल, धूप और प्रदूषण का घेरा पड़ जाता है। इस कारण त्वचा की ऊपरी सेल्स खराब हो जाती हैं। इसके लिए हम बाजार में उपलब्ध ब्यूटी प्रॉड्क्ट का इस्तेमाल करते हैं। कई बार देखा जाता है कि इससे हमारी त्वचा काली पडऩे लगती है। अब सवाल आता है कि खराब त्वचा से छुटकारा पाकर फिर से चेहरे पर वहीं ताजगी और ग्लो कैसे लाया जाए। इसके बाद सबसे पहले दिमाग आता है क्यों न घर पर केमिकल फ्री फेस पील ऑफ मास्क बनाकर चेहरे की गंदगी को साफ किया जाए।
पील ऑफ मास्क के फायदे
1- होममेड पील ऑफ मास्क का इस्तेमाल करने से स्किन पर जमी गंदगी, बैक्टीरिया और खराब सेल्स को बाहर निकाल जाती है। इसके साथ ही चेहरे पर ग्लो आ जाता है। एक सप्ताह में दो बार मास्क का इस्तेमाल करने आप और खूबसूरत नजर आएंगे।
2- हरे पर काले धब्बों और मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए पील ऑफ मास्क बहुत असरकारक है। मास्क से इस्तेमाल से स्किन के ऊपर नई लेयर आ जाती है और चेहरा चमकने लगता है।
3- पील ऑफ मास्क का इस्तेमाल करने से स्किन को सॉफ्ट और टाइट करने में मदद मिलती है। इसके अलावा मास्क से ड्राई स्किन की समस्या से भी निजात मिल जाती है।
4- पील ऑफ मास्क में फलों का इस्तेमाल किया जाता है। फलों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। वहीं, इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।
घर पर बनाएं पील ऑफ मास्क
एग वाइट फेस मास्क- यह मास्क चेहरे से काले धब्बे साफ करने में मदद करता है। इसको बनाने के लिए अंडे का सफेद भाग ले और उसमें पाउडर वाली चीनी मिलाइए। इसके बाद इसे पूरे चेहरे पर लगा लीजिये। इसके ऊपर से टिशू पेपर लगा लें। अब टिशू के ऊपर फिर से अंडे और चीनी का पेस्ट लगाकर छोड़ दें। जब यह सूख जाए तब टिशू को निकाल लें, जिससे कि सभी काले धब्बे टिशू के साथ बाहर आ जाएंगे।
ग्रीन टी और लेमन फेस मास्क- इस मास्क के लिए ग्रीन टी को पानी में मिलाइए और उसमें नींबू निचोड़ दीजिए। उसके बाद उसमें थोड़ा सा जिलेटिन पाउडर मिलाइए। इसके बाद कुछ देर के लिए ओवन में रखें और फिर से मिलाकर चेहरे पर लगाएं। अब चेहरे को ढक लीजिये और जब यह सूख जाए तब इसे निकालिए।
ऑरेंज पील फेस मास्क- इस मास्क को बनाने के लिए संतरे के छिलके को धूप में कम से कम दो दिन सुखा कर पाउडर बना लें। इसके बाद गैस पर धीमी आंच में एक कप पानी उबालें, फिर उसमें चीनी डाल कर उसे आधा होने तक पकाएं। अब इसमें एक चम्मच संतरे के छिलके वाला पाउडर डालकर चेहरे पर लगाएं। जब यह सूख जाए तब इसे निकाले। इससे आपके काले धब्बे और खराब स्किन सही हो जाएगी।

कंधे में रहता है लगातार दर्द तो करें ये खास आसन, जल्द होगा फायदा

ऑफिस में डेस्क जॉब होने के कारण कई बार लगातार बैठे-बैठे पीठ दर्द और ऐंठन की समस्या आ जाती है. कई घंटे एक ही पॉश्चर में बैठे रहने के कारण कमर जकड़ जाती है. ऐसे लोग बहुत कम होंगे जो पूरे दिन अपनी रीढ़ के सीधे रख पाते होंगे, नतीजा ऐंठन का समस्या. इसी के साथ पैरों का सुन्न हो जाना और जॉइन्ट्स पेन भी बहुत ज्यादा होता है. मार्जरी आसन के नियमित अभ्यास से गर्दन, कंधे और पीठ में लचीलापन आता है. इन समस्याओं के लिए मार्जरासन आसन काफी लाभदायक है. यह मासिक धर्म के दौरान पैरों और जांघों में जकडऩ के लिए भी इसे करना गुणकारी हो सकता है.
कैसे करें :
*जमीन पर चटाई बिछा लीजिए और उस पर अपने घुटने टेक लीजिए.
*आगे से झुकें और अपने हाथों को भी ज़मीन पर जमा लें, बिल्कुल ऐसे ही जैसे की कोई बच्चा क्रॉल करना शुरू करता है.
*इसी मुद्रा में अपनी बाजू और जांघों को सीधा रखें.
*गहरी सांस लें, अपनी पीठ को अंदर की तरफ दबाएं और ऊपर देखें.
*इस मुद्रा में 3 सेकंड तक रहें. सांस छोड़ें, पीठ को ऊपर उठाएं और पेट को सिकुडऩे दें.
*आप अब ऊपर नहीं, बल्कि सिर झुक कर अपने साइज की ओर देख रही हैं. इस मुद्रा में 3 सेकंड तक रहें.
*अब वापस उसी मुद्रा में आ जाएं, जहां से शुरुआत की थी.
*ऐसा 10 बार दोहराएं.

जरूर खाएं दिन में दो बार दो चम्मच दही

गर्मियां शुरू हो चुकी हैं जिसमें हमें अपनी डाइट पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है. शरीर की तासीर ठंडी रहे इसके लिए अगर आप दही का अभी से सेवन करना शुरू कर देंगे तो आपकी हेल्थ और हार्ट दोनों ही के लिए काफी अच्छा रहेगा. दही एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसे आप स्नैक की तरह भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसमें चिया सीड्स, सूरजमुखी के बीज और कद्दू के बीज मिलाकर शाम के समय ले सकते हैं. लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं केवल दो चम्मच दही के चौकाने वाले फायदे. इसे अगर आप दिन में दो बार लेंगे तो सेहत के लिए काफी फायदेमंद रहेगी. कब्ज और पेट में गर्मी रहने की समस्या भी इसके सेवन से खत्म होगी. आइए जानते हैं कैसे.
हफ्ते में अगर आप दो बार अपनी डाइट में दही को शामिल कर रहे हैं तो इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है और हीट स्ट्रोक और दिल से संबंधित बीमारियों के होने का खतरा भी कम होता है.
अमेरिकन जरनल ऑफ हाइपरटेंशन में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक व्यक्ति के कार्डियोवसकुलर हेल्थ के लिए दही एक अच्छा खाद्य पदार्थ साबित है. हेल्थ के लिए फर्मेंटेड डेरी प्रोडक्ट्स काफी अच्छे माने गए हैं. अगर आप दही का सेवन करते हैं तो इसे खाने से महिलाओं में करीब 30 प्रतिशत और पुरुषों में करीब 19 प्रतिशत तक हार्ट अटैक का खतरा कम होता है.
जो लोग हाइपरटेंशन की समस्या से जूझ रहे हैं वे अगर रोज अपनी डाइट में दो बार दही शामिल करते हैं तो उनमें कार्डियोवसकुलर बीमारी होने का खतरा कम होता है. तो इन गर्मियों खुद को हेल्दी रखना चाहते हैं तो अपनी डाइट में दही शामिल करना न भूलें. आप इसे स्मूदी के रूप में भी ले सकते हैं. फलों के साथ दही का कॉम्बिनेशन काफी अच्छा विकल्प है, गर्मियों में.

महीने में एक बार जरूर करवाना चाहिए फेशिअल , होते हैं कई फायदे

स्किन की केयर करने के लिए महिलाएं घरेलू नुस्खों को आजमाने के साथ ही महंगी क्रीम्स तक खरीदती हैं। हालांकि इन नुस्खों व महंगे प्रॉडक्ट्स से स्किन को वैसे फायदे शायद ही मिलें जो फेशल से मिल सकते हैं। अगर आप हर महीने फेशल कराने की आदत डाल लें तो आप भी इसके इन 5 फायदों को महसूस कर सकेंगीं।
डीप क्लेन्जिग
आप चाहे घर पर स्क्रब कर लें या फेस मसाज कर लें या फिर अच्छे फेस पैक लगा लें, लेकिन जैसी डीप क्लेन्जिग आपको फेशल से मिलेगी वैसी किसी और तरीके से मिलना मुश्किल है। डीप क्लेन्जिग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे पोर्स क्लीन और छोटे हो जाते हैं। पोर्स क्लीन हों तो फेस पर लगाए गए प्रॉडक्ट के स्किन को फायदे भी ज्यादा मिलते हैं।

ब्लड सर्कुलेशन में होता है सुधार
फेशल से चेहरे के ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने में मदद मिलती है। फेशल के दौरान स्क्रबिंग और मसाज के साथ ही सिर और चेहरे के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को प्रेस किया जाता है, इससे फेस का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। ऐसा होने पर स्किन और शाइनी व पींपल फ्री बन जाती है।
रिंकल्स से लडऩे में मदद
चेहरे को जवां बनाए रखना है तो महीने में एक बार फेशल जरूर करवाएं। फेशल के दौरान डेड स्किन हटने और ब्लड सर्कुलेशन सुधरने से नए सेल्स जनरेट होते हैं जो चेहरे से रिंकल्स को दूर रखने में मदद करते हैं।
दाग-धब्बे होते हैं दूर
फ्लॉलेस स्किन पाने के लिए हर महीने फेशल करवाएं। फेशल के दौरान की जाने वाली डीप-क्लेन्जिग दाग-धब्बों को दूर करने में मदद करती है और त्वचा को स्मूद व क्लीन लुक देती है।
स्ट्रेस होता है कम
फेशल का एक फायदा स्ट्रेस लेवल में कमी भी है। फेशल के दौरान होने वाली मसाज और एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को प्रेस करने पर बॉडी रिलैक्स होती है, जो स्ट्रेस को कम करता है।

खाने से जी चुराएं तो इन ट्रिक्स से व्यवहार में बदलाव लाएं

एक स्टडी की मानें तो बच्चों के खाने में नखरों से परेशान पैरंट्स उन पर या तो प्रेशर डालते हैं या उन्हें लालच देते हैं। ऐसा करने से बच्चे की आदतें और बिगड़ सकती हैं और वे अनहेल्दी खाने में रुचि दिखा सकते हैं जिससे उनका वजन बढ़ता है। उनकी यह आदत सुधारने के लिए आप यहां बताए टिप्स अपना सकते हैं।
-बच्चे जब छोटे हों तभी से उन्हें जितने ज्यादा न्यूट्रिशनल फूड दे दें ताकि उन्हें बढऩे में जिन जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत हो वे मिल सकें।
-अगर आपका बच्चा खाने में नखरे करे तो उसे इग्नोर करना ही सबसे अच्छा तरीका है। उनको ज्यादा अटेंशन देने पर वह इस तरह का व्यहार और ज्यादा करते हैं।
-हर दिन बच्चे के खाने का टाइम फिक्स कर दें इससे उसे फिक्स टाइम पर भूख लगने लगेगी और खाने के लिए न करने का ऑप्शन नहीं होगा।
-खाते वक्त बच्चे के आसपास टीवी, गेम, खिलौने जैसे कोई डिस्ट्रैक्शंस नहीं होने चाहिए।
-बच्चे थोड़े बड़े हों तो उनसे खाना बनाने में मदद भी ले सकते हैं। उन्हें छोटे-मोटे काम सौंपे इससे उनकी रुचि खाने में बढ़ेगी।
-बच्चे के फूड आइटम्स को अच्छे से डेकॉरेट कर दें इससे उनका मन ललचाएगा। खाने पर अपनी क्रिएटिविटी दिखाएं।