उमा देवी ने 54 साल की उम्र में सातवीं बार नैशनल चैंपियनशिप जीती

मुंबई : अगर कोई खिलाड़ी 54 की उम्र में भी खेल से जुड़ा रहता है और उस खेल का नैशनल चैंपियन बन जाता है तो किसी का भी चौंकना स्वाभाविक है। यह चमत्कारिक उपलब्धि हासिल कर दिखाई है कर्नाटक की आर उमा देवी ने। उमा ने इंदौर में चल रही 86वें नैशनल बिलियर्ड्स ऐंड स्नूकर टूर्नमेंट में सीनियर महिला बिलियर्ड्स कैटिगरी का खिताब जीता।
उमा देवी ने अपने से 33 बरस छोटी पंजाब की कीरत मंडल को पछाडक़र नैशनल चैंपियनशिप जीती। कर्नाटक की उमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार इस खिताब को जीतने का गौरव हासिल किया।
एमपी बिलियर्ड्स ऐंड स्नूकर संघ की मेजबानी में यशवंत क्लब में आयोजित 86वें नैशनल बिलियर्ड्स-स्नूकर स्पर्धा के सीनियर महिला वर्ग के फाइनल में गत वर्ष की चैंपियन उमा देवी ने कीरत को आसानी से 3-0 से पराजित किया।

अगर गठबंधन नहीं तो कर्नाटक में सभी सीटों पर लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

बेगलुरू: कर्नाटक में बसपा के एकमात्र विधायक एन महेश ने गुरुवार को यहां कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने लोकसभा चुनाव के लिए कर्नाटक में गठबंधन के बारे में अभी तक कुछ भी फैसला नहीं किया है और यदि गठबंधन नहीं हुआ, तो उनकी पार्टी राज्य की सभी 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने यहां संवादाताओं से कहा, हमलोग चुनाव (लोकसभा चुनाव) लड़ेंगे। बहनजी (मायावती) को फैसला करना है…अगर गठबंधन हुआ तो हमें जो सीटें मिलेगी उन पर हम चुनाव लड़ेंगे। अगर कोई गठबंधन नहीं होता है तो, हम सभी 28 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
महेश ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है और इस पर अंतिम निर्णय दो फरवरी को पार्टी की प्रदेश समिति की बैठक में लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ और कर्नाटक के प्रभारी एम एल तोमर समेत बहुजन समाज पार्टी के कई नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

विपक्ष के भारी विरोध के बीच सरकार मना रही टीपू जयंती

बेंगलुरु : कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के भारी विरोध प्रदर्शन के बीच सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस सरकार शनिवार को टीपू जयंती मना रही है। उधर, जयंती समारोहों के खिलाफ सूबे में भारी विरोध शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी सडक़ पर उतर आए हैं। पुलिस ने बीजेपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया है। उधर, भारी विरोध और प्रदर्शन के बीच आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन को देखते हुए सडक़ों पर गाडिय़ां नहीं चल रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं, ऐसे में कई जगहों पर सडक़ों पर सन्नाटा भी पसरा है। कोडागू और विराजपत सहित कई इलाके प्रभावित हैं।
कर्नाटक के मडिकेरी में टीपू जयंती समारोह का विरोध कर रहे कई लोगों को पुलिस ने आज सुबह हिरासत में ले लिया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीपू जयंती के विरोध में डेप्युटी कमिश्नर के ऑफिस में नारेबाजी भी की। मांड्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीपू जयंती के विरोध में काला दिवस मनाया है। इस बीच कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बीजे जमीर अहमद खान ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की है। कोडागू पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे बीजेपी एमएलए और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया को हिरासत में ले लिया। कोडागू में बीजेपी के प्रदर्शन के कारण आम जनजीवन ठप हो गया है।
उधर, राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम से किनारा कर लिया है। माना जा रहा है कि विवाद से बचने के लिए सीएम ने जानबूझकर इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सूचना के मुताबिक कुमारस्वामी की तबीयत खराब है और डॉक्टरों ने उन्हें तीन दिनों तक आराम करने की सलाह दी है। उधर, राज्य के कैबिनेट मंत्री बी. काशेमपुर ने कहा है कि सीएम कुमारस्वामी ने कार्यक्रम के लिए विभाग को पूरी अथॉरिटी दी हुई है। उन्होंने कहा, मैं बीदर में टीपू जयंती कार्यक्रम में रहूंगा, जबकि जेडीएस मंत्री वेंकटराव नाडागौड़ा बेंगलुरु में सीएम की जगह पर कार्यक्रम करेंगे।
बीजेपी ने टीपू सुल्तान को अत्याचारी बताते हुए कांग्रेस से उनकी तुलना की है। बीजेपी ने ट्वीट कर कहा, कांग्रेस पार्टी और टीपू दोनों ही हिंदू विरोधी हैं। दोनों ही हिंदुओं की हत्या के लिए दोषी हैं। दोनों ही अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण में विश्वास रखते हैं। दोनों ही हिंदुओं को बांटना चाहते हैं। इसलिए कोई आश्चर्य नहीं है कि कांग्रेस अत्याचारी टीपू की पूजा कर रही है। कर्नाटक बीजेपी ने कहा कि जहां कांग्रेस और जेडीएस सरकार अत्याचारी टीपू सुल्तान की जयंती मना रहे हैं वहीं सीएम कुमारस्वामी छिप गए हैं। एक उन्मादी का जन्मदिन मनाने की क्या आवश्यकता है जब सीएम ने खुद ही आयोजन से किनारा कर लिया है। वोटबैंक के लिए एक हत्यारे को महिमा मंडित करना इस सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
आपको बता दें कि कर्नाटक सरकार ने घोषणा की है कि वह बीजेपी के विरोध के बावजूद इस वर्ष भी 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मनाएगी। उधर, बीजेपी और श्री राम सेना के समर्थक इस कार्यक्रम का भारी विरोध कर रहे हैं। बीजेपी ने मैसूर के शासक को अत्याचारी करार दिया है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा है कि एक अत्याचारी के जन्मदिन को मनाए जाने की कोई जरूरत नहीं है।
हेगड़े ने कहा कि टीपू सुल्तान हिंदू विरोधी थे। बीजेपी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा कि जब पिछली कांग्रेस सरकार ने टीपू जयंती मनाने का फैसला किया था, उस समय उनका काफी विरोध हुआ था। विरोध को देखते हुए ही एचडी कुमारस्वामी सरकार ने गुपचुप तरीके से इस कार्यक्रम का स्थल विधानसौधा से हटाकर एक गैरराजनीतिक स्थान पर कर दिया। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने आधिकारिक कार्यक्रम में बाधा डाली तो उसे कानून का सामना करना होगा।
राज्य के डेप्युटी सीएम और गृहमंत्री डॉक्टर जी परमेश्वरा ने कहा है कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आयोजन स्थल के आसपास आरएएफ को तैनात किया गया है। इसके अलावा श्रीरंगपट्टनम और कोडागू में शुक्रवार शाम से रविवार सुबह तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई। गौरतलब है कि राज्य में कांग्रेस पार्टी वर्ष 2014 से टीपू जयंती मना रही है जिसका बीजेपी विरोध करती रही है। बीजेपी का आरोप है कि टीपू जयंती कार्यक्रम मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए आयोजित किया जा रहा है।

जनता ने दिया हमें दिवाली गिफ्ट:सिद्धारमैया

बेंगलुरु : 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक उपचुनावों में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों में से चार पर कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन ने जीत दर्ज कर ली है जबकि बीजेपी को सिर्फ शिमोगा लोकसभा सीट पर कामयाबी मिली है। कांग्रेस जामखंडी और बेल्लारी सीटें जीत चुकी है। जेडी (एस) को रामनगर और मांड्या में जीत मिली है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने इसे जनता का दिवाली गिफ्ट बताया। साथ ही यह भी कहा कि जनता ने बीजेपी को नकार दिया है।
सिद्धारमैया ने कहा- यह जीत कांग्रेस का पुनरुत्थान
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, बेल्लारी में गठबंधन की जीत अहम है। कांग्रेस मुक्त भारत जो लोग बोलते थे उन्हें जवाब मिल गया है। लोगों ने बीजेपी के नकार दिया है और यह जीत कांग्रेस-जेडीएस को दिवाली का तोहफा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस अगले साल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 20 सीट से अधिक सीटें जीतेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत कांग्रेस के पुनरुत्थान की तरह है।
जनता का फैसला बीजेपी को जवाब
कांग्रेस नेता डी शिवकुमार ने कर्नाटक की जनता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनता का यह फैसला बीजेपी को जवाब है जो उपचुनाव से पहले अपनी जीत का दावा ठोक रही थी। खासकर बेल्लारी सीट, जो बीजेपी नेता श्रीरामुलू का गढ़ जानी जाती है। यहां से उनकी बहन शांता उम्मीदवार थीं।
शिवकुमार ने कहा, हम सभी मतदाताओं के आभारी हैं जिन्होंने बड़ी संख्या में हमें वोट किया। कर्नाटक के लोगों ने बीजेपी को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बेल्लारी में जीत काफी अहम है। उन्होंने बीजेपी नेता श्रीरामुलु पर तंज कसते हुए कहा, शांतिपूर्ण मतदान के लिए बड़े भाई का धन्यवाद।
दरअसल श्रीरामुलु पृथक कर्नाटक की मांग कर रहे थे। बीते दिनों उन पर भडक़ाऊ भाषण देने का आरोप भी लगा था। हालांकि बाद में पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। डीके शिवकुमार ने कहा कि बेल्लारी के लोगों को जाति, धर्म में नहीं बंटना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता ने एक बार फिर बीजेपी को नकार दिया है। इसी के साथ कांग्रेस की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। डीके शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आभार जताया जिन्होंने उन पर भरोसा जताया।

500 रुपये का कर्ज नहीं चुकाने पर दोस्त की बीवी से की शादी!

500 रुपये का कर्ज नहीं चुकाने पर दोस्त की बीवी से की शादी!

बेलगावी : कर्नाटक में कर्ज नहीं चुकाने पर दोस्त की बीवी से शादी करने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बेलगावी में मंगलवार को एक शख्स ने डेप्युटी कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरना दिया। पीडि़त का आरोप है कि उसके मित्र ने ही उसकी पत्नी को अगवा करने के बाद शादी कर ली। पीडि़त की प्रशासन से मांग है कि उसे उसकी पत्नी वापस दिलाई जाए।
इस मामले के पीछे कथित रूप से जो वजह सामने आई है, वह भी हैरान कर देने वाली है। पीडि़त व्यक्ति का कहना है कि जब वह 500 रुपये का कर्ज नहीं चुका सका, तो उसके दोस्त ने उसी की पत्नी से शादी कर ली। हालांकि सूत्रों के मुताबिक इस कहानी के अलावा भी इस मामले में कई पेच हैं।
होटेल में काम करते हुए बने दोस्त
बेलहोंगल तालुका के मुराकीभावी गांव के बासवराज कोनान्नवर और गोकाक के मुडाकनट्टी के रहने वाले रमेश हुक्केरी शाहपुर के एक होटेल में सप्लायर का काम करते हुए एक-दूसरे के दोस्त बन गए। बासवराज की पत्नी पार्वती भी इसी होटल में काम करती थी। वह और रमेश भी एक-दूसरे के संपर्क में थे। 2011 में बासवराज और पार्वती ने शादी कर ली। उनके एक तीन साल की लडक़ी भी है।
2 महीने पहले अगवा कर शादी का आरोप
बासवराज का आरोप है कि दो महीने पहले रमेश ने पार्वती को अगवा कर लिया और कर्ज न चुकाने के चलते शादी कर ली। बासवराज के मुताबिक पार्वती उसके दूसरे बच्चे की मां बनने वाली थी। वहीं, दूसरी ओर शादी के बाद रमेश ने पार्वती को उसके मायके भेज दिया।
मेरे पास नहीं लौटना चाहती पार्वती
बासवराज का कहना है कि पत्नी के अगवा होने के बाद उसने तुरंत शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। मंगलवार को बासवराज ने कहा कि पिछले दो महीने से पार्वती रमेश के साथ रह रही है और उसके पास नहीं लौटना चाहती है। उसने एक ऑडियो क्लिप भी दिखाई है, जिसमें रमेश कथित रूप से उसे पार्वती से दूर रहने की धमकी दे रहा है।
धरने पर बैठने से पहले बासवराज ने सिटी पुलिस कमिश्नर डीसी राजप्पा से मुलाकात की और शिकायत दर्ज कराने के लिए मदद की गुहार लगाई। कमिश्नर ने इस मामले में पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।