कन्याकुमारी में रेल-सडक़ परियोजनाओं का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

कन्याकुमारी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के कन्याकुमारी में शुक्रवार को विभिन्न रेल-सडक़ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। अधिकारियों के अनुसार, नए परियोजनाओं से राज्य में सडक़ व रेल संपर्क में बढ़ोतरी होगी।
प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मदुरै-चेन्नई के बीच तेजस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे दोनों शहरों के बीच आवागमन के समय में कमी आएगी। पहली तेजस एक्सप्रेस मुंबई से करमाली के बीच शुरू की गई थी। मोदी रामेश्वरम व धनुषकोडी के बीच रेल संपर्क बहाल करने के लिए परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। धनुषकोडी में रेलवे स्टेशन 1964 के चक्रवात में डूब गया था।
मोदी पमबन पुल की बहाली के लिए आधार शिला रखेंगे जो मुख्य भूमि व रामेश्वर द्वीप के बीच रेल संपर्क प्रदान करेगा। नया पुल, मौजूदा 104 साल पुराने पुल के समानांतर बनेगा। एक बार जब यह बनकर तैयार हो जाएगा, तो पुराने पुल के स्थान पर इसी पुल का प्रयोग किया जाएगा।
मोदी विभिन्न सडक़ परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे और एनएच -87 के मदुरै-रामनाथपुरम खंड के 2/4 लेन और दो फ्लाईओवर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मोदी एनएच-785 के मदुरै-चेत्तीकुलम खंड पर चार लेन व एनएच-785 के चेत्तीकुलम-नाथम खंड की चार लेने परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। वह कन्याकुमारी में सडक़ सुरक्षा पार्क व परिवहन म्यूजियम का शुभारंभ करेंगे।

एआईएडीएमके के सांसद एस. राजेंद्रन की सडक़ हादसे में मौत

चेन्नई: तमिलनाडु के विलुप्पुरम जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (एआईएडीएमके) के सांसद एस. राजेंद्रन की आज सुबह एक सडक़ हादसे में मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार यह घटना विलुप्पुरम के टिंडीवनम की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पर मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने शव को कब्जें में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया दिया है। बताया जा रहा है कि राजेंद्रन की मौत सिर और सीने में गहरी चोट लगने के कारण हुई है। वहीं, एआईएडीएमके नेता की मौत की घर से सियासी गलियारे में हडक़ंप मच गया औऱ राजेंद्रन के घर पर नेताओं समेत जानी मानी हस्तियों का तांता लगना शुरू हो गया। बता दें कि साल 2014 के चुनाव में एस. राजेंद्रन एआईडीएमके के उम्मीदवार के रूप में विलुप्पुरम निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए थे।

आयकर विभाग ने कर चोरी की जांच हेतु तमिलनाडु में 74 स्थानों पर मारे छापे

नयी दिल्ली : आयकर विभाग ने कुछ रियल एस्टेट समूहों और एक रिटेल स्टोर चेन के खिलाफ कर चोरी की जांच के सिलसिले में मंगलवार को तमिलनाडु में 74 स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य की राजधानी चेन्नई और कोयम्बटूर के दो जगहों पर दो रियल्टी समूहों और रिटेल चेन सरवण स्टोर्स के परिसरों में छापे मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरवण समूह के मालिक योगीराथिनम पोंडुरई के परिसर में भी कार्रवाई के तहत छानबीन की जा रही है। उन्होंने बताया कि छापे के अंतर्गत कुल 74 स्थानों की तलाशी की जा रही है और 70 आयकर अधिकारियों की एक टीम पुलिस की सहायता से यह अभियान चला रही है। विभाग ने पिछले महीने सरवण भवन की दुकानों समेत राज्य के कई लोकप्रिय भोजनालयों में बड़े पैमाने पर छापे मारे थे।

जल्लीकट्टू प्रतियोगिता में दो लोगों की मौत

विरालिमलाई : तमिलनाडु के विरालिमलाई में रविवार को 1000 सांडों के साथ मेगा जल्लीकट्टू आयोजित कराने का रेकॉर्ड सेट किया गया लेकिन दर्शकों में से दो लोगों की मौत होने के बाद सभी का उत्साह ठंडा पड़ गया। कड़ी सुरक्षा और सिक्यॉरिटी के बाद भी सांडों की टक्कर लगने से 32 वर्षीय रामू और 35 वर्षीय सतीश कुमार की रविवार को मौत हो गई।
विरालिमलाई में रविवार को दोपहर 1 बजे जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो सांड यहां-वहां भागने लगे। इन्हीं में से एक सांड ने रामू और दूसरे सांड ने सतीश को
टक्कर मार दी। दोनों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रामू पुडुक्कोट्टाई जिले और सतीश त्रिची का निवासी था।
20 से ज्यादा लोग घायल
आयोजन का उद्घाटन सुबह 8 बजे मुख्यमंत्री ई पलनिसामी ने किया था। इसमें 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। आयोजनकर्ता सबसे ज्यादा सांडों और दर्शकों को शामिल कर विश्व रेकॉर्ड बनाने की कोशिश में थे। वर्ल्ड रेकॉर्ड यूनियन की एक टीम भी वहां मौजूद थी। स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर ने इसके आयोजन में खास दिलचस्पी दिखाई ताकि यह कार्यक्रम भव्यता से आयोजित किया जा सके।
सांडों के मालिकों का बीमा भी किया गया जो जल्लीकट्टू के इतिहास में पहली बार हुआ है। इस प्रतियोगिता में 500 मालिकों ने हिस्सा लिया। बेस्ट टेमर्स (ट्रेनर्स) को दो कारें, 10 मोटरसाइकलें, 500 साइकलें, सोने और चांदी के सिक्के दिए जाएंगे। आयोजन में उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और दूसरे मंत्री मौजूद रहे।

तमिलनाडु में बंधक दो ग्रामीणों को पुलिस ने छुड़ाया

कोरबा : तमिलनाडु में बंधक बनाए गए दो ग्रामीण को पुलिस के प्रयास से छुड़ाया गया है। पिछले आठ माह से एक रबर फैक्ट्री में बंधुआ मजदूर के रूप में कार्य कर रहे थे। फैक्ट्री संचालक मजदूरी के एवज में भुगतान भी नहीं कर रहा था। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई थी।
जानकारी के अनुसार पाली थानांतर्गत आने वाला ग्राम दर्राभाठा निवासी ओमप्रकाश को आठ माह पहले कटघोरा में रहने वाला मजदूर सप्लाई करने वाला एक एजेंट तमिलनाडु में अच्छे वेतन पर काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। ओमप्रकाश के साथ कटघोरा का एक अन्य ग्रामीण भी गया था। बताया जा रहा है कि एजेंट ने तमिलनाडु के जलेम में संचालित एक रबर फैक्ट्री में दोनों को काम पर लगा दिया और इसके एवज में संचालक से मोटी रकम लेकर रफूचक्कर हो गया। दोनों मजदूर दिन.रात काम करतेए पर उन्हें मजदूरी नहीं दी जा रही थी। संचालक का कहना था कि एक साथ एजेंट को रकम दे दिया गया है। बंधक बना लिए गए मजदूर वापस गांव लौटने का प्रयास किएए पर उन्हें जाने नहीं दिया गया। किसी तरह इसकी सूचना ओमप्रकाश ने अपने परिजनों तक पहुंचाई थी। उसकी नानी बीते दिनों पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा से मुलाकात की और आपबीती सुनाई। इसके बाद एसपी ने पाली पुलिस को मजदूर को छुड़ाने के निर्देश दिए। पाली पुलिस ने एड्रेस के मुताबिक जलेम पुलिस से मोबाइल पर संपर्क किया और मजदूरों को छुड़ाने की पहल की। जलेम पुलिस रबर फैक्ट्री पहुंची तो कोरबा के ही कटघोरा के एक और मजदूर का पता चला। जलेम पुलिस ने दोनों मजदूर को छुड़ाकर ट्रेन से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना कर दिया। बुधवार को दोनों मजदूर सकुशल कोरबा पहुंच गए।

निर्वाचन आयोग ने किया तिरुवरुर उपचुनाव रद्द

नयी दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु के तिरुवरुर में होने वाले उपचुनाव को रद्द कर दिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने ‘गाजा’ तूफान से प्रभावित इलाके में बचाव कार्य जारी होने के मद्देनजर चुनाव कराने पर आपत्ति जताई थी। द्रमुक नेता एम करुणानिधि के निधन के बाद वहां चुनाव कराए जाने जरूरी हो गए थे। तिरूवरूर में उपचुनाव 28 जनवरी को होने वाले थे। आयोग ने आदेश में कहा कि उपचुनाव के लिए जारी की गई अधिसूचना को रद्द किया जाता है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और आयुक्त अशोक लवासा द्वारा हस्ताक्षर किए आदेश में कहा गया कि चुनाव की नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।

गर्भवती महिला को कैसे चढ़ा दिया एचआईवी संक्रमित खून

चेन्नई : तमिलनाडु के विरुदनगर स्थित सरकारी अस्पताल में एक 24 वर्षीय गर्भवती महिला को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाये जाने के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा है. उल्लेखनीय है कि संक्रमित खून चढ़ाने से महिला की स्थिति चिंताजनक हो गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार को 3 जनवरी तक जवाब देने को कहा है. मामले में तीन लैब टेक्नीशियनों को निलंबित कर दिया गया है.
महिला को 3 दिसंबर को एचआईवी और हेपेटाइटिस बी से संक्रमित एक व्यक्ति का खून चढ़ा दिया गया. दो साल पहले रक्तदान के दौरान पाया गया कि व्यक्ति एचआईवी पॉजि़टिव है और उसे हेपेटाइटिस बी भी है. लेकिन उसे इस बात की सूचना नहीं दी गई. पिछले महीने उसने सरकारी ब्लड बैंक में फिर से खून डोनेट किया.
जब पता चला कि महिला को एचआईवी का संक्रमण हो गया है तो उसका इलाज शुरू कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि बच्चा में एचआईवी संक्रमण की जानकारी जन्म के बाद ही मिल सकेगी.
तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक डॉ. आर मनोहरन ने कहा था कि उन्हें संदेह है कि जिस टेक्नीशियन ने खून की जांच की, उसने संभवत: एचआईवी टेस्ट नहीं किया. ये एक दुर्घटना है. ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया. हमने जांच के आदेश दे दिए हैं. हम उस युवक का भी इलाज कर रहे हैं.
सरकार ने कथित लापरवाही के कारण पीडि़त और उसके पति को नौकरी देने का प्रस्ताव रखा है.

गज ने मचाई भारी तबाही, 35 लोगों की मौत

चेन्नई : शक्तिशाली तूफ़ान गज ने तमिलनाडु में भारी तबाही मचाई। अभी तक तूफ़ान जनित घटनाओं में 35 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के कई जिलों में तूफ़ान से घर और पेड़ तबाह हो गए हैं।तूफ़ान के साथ-साथ भारी बारिश से भी आम-जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस तूफान से करीब 1 लाख लोग प्रभावित हुए। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच गज तमिलनाडु के तट से गुजरा। उस वक्त हवा की रफ्तार 120 किलोमाटर प्रति घंटे की थी और साथ ही में भारी मात्रा में बारिश भी हुई। तमिलनाडु स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि गज चक्रवात में भारी नुकसान हुआ है, नागपट्टिनम में फसलों को और नावों आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। हमारे पास चलत कैंप हैं, जिनके जरिए पानी का क्लोरीनेशन किया जा रहा है। 200 से ज्यादा डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के असर से तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई जिलों में भारी बारिश हो हुई। तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले में सबसे अधिक 17 सेमी और तंजावुर में 16 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जबकि कुड्डालोर जिले में 09 से 12 सेमी और नागपट्टनम जिले में छह सेमी बारिश दर्ज की गई। थोंडी, पमबन, कराईकल और पुडुचेरी में 05 से 10 सेमी तक वर्षा हुई। तूफान अब कमजोर पड़ गया है और डिंडीगुल व थेनी होते हुए केरल में प्रवेश कर गया है।
मृतक आश्रितों को 10-10 लाख की सहायता
तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक मृतक के आश्रित को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख और सामान्य घायलों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा तूफान से फसलों, मछली पकडऩे वाली नौकाओं, मकानों और मवेशियों को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
महामारी का फैलाव रोकने की कवायद
तूफान प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने से रोकने के लिए 216 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा बिजली के खंभों को बदलने के लिए प्रभावित इलाकों में 7,000 खंभे भी रवाना कर दिए गए हैं।

चक्रवाती तूफान गाजा ने नागपट्टनम में दी दस्तक

चेन्नई : चक्रवाती तूफान गाजा शुक्रवार को तमिलनाडु तट से टकराया.चक्रवात के असर से तमिलनाडु के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, तूफान से कई पेड़ जड़ से उखड़ गए. आईएमडी के मुताबिक, तूफान ‘गाजा’ शुक्रवार रात 12.30 बजे से 2.30 बजे तक नागापट्टिनम और वेदारायणम के बीच टकराया. इस दौरान की हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा है. तेज हवाओं से नागापट्टिनम रेलवे स्टेशन की रूफ शीट क्षतिग्रस्त हो गई. तमिलनाडु के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री आर.बी.उदयकुमार ने संवाददाताओं को बताया कि हवा की रफ्तार कम होने के बाद ही हुए नुकसान का आकलन हो सकेगा. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द टूटे हुए पेड़ों को हटाया जा रहा है.

तूफान से प्रभावित नागापट्टिनम में टूटे हुए पेड़ों की वजह से सड़क यातायात प्रभावित रहा. सरकार ने एहतियात के तौर पर गुरुवाररात को बिजली की आपूर्ति बंद कर दी थी. तूफान से बिजली के कई खंभे टूट गए. तमिलनाडु के कई विश्वविद्यालयों में शुक्रवार को होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी गईं. नागापट्टिनम, कड्डालोर, तंजावुर पुडुकोट्टई, तिरुवरुर और कई अन्य जिलों में शुक्रवार को स्कूलों को बंद रखा गया है. निचले इलाकों में रह रहे 76,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. कड्डालोर, नागापट्टिनम, रामानाथपुरम, तंजावुर, पुडुकोट्टई और तिरुवरुर में 289 राहत केंद्र बनाए गए हैं.आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में भारी बारिश हो सकती है.

गाजा की वजह से तमुलनाडु के नागापट्टिनम जिले में भूस्खलन शुरू हो गया है. राज्य में हाई अलर्ट पहले ही जारी कर दिया गया है. अब गाजा चक्रवात जमीन की ओर आने लगा है. समुद्र से जमीन तक आने में इसे करीब एक घंटा लगेगा. मौसम विभाग के मुताबिक जब चक्रवात जमीन पर पहुंचेगा तब वायु की तीव्रता कम रहेगी जो धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी.

स्पीकर के फैसले पर हाई कोर्ट की मुहर, सरकार को राहत

स्पीकर के फैसले पर हाई कोर्ट की मुहर, सरकार को राहत

चेन्नई: तमिलनाडु में एआईएडीएमके के बागी 18 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने से जुड़े मामले को लेकर सूबे में लगातार जारी सियासी उठा पठक पर आखिरकार गुरुवार को विराम लग गया। मद्रास हाई कोर्ट ने स्पीकर के फैसले को बरकरार रखा है। इसके साथ ही यह फैसला सत्तारूढ़ सरकार के लिए जहां राहत लेकर आई है, वहीं टीटीवी दिनकरन गुट को इससे तगड़ा झटका लगा है।
बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष धनपाल ने इन 18 विधायकों को पिछले साल सितंबर में अयोग्य घोषित कर दिया था। अध्यक्ष की कार्रवाई के खिलाफ इन विधायकों ने सितंबर, 2017 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद इस मामले में कई ट्विस्ट आए थे और सभी की नजरें आज आने वाले फैसले पर थीं। हाई कोर्ट के फैसले ने राज्य सरकार को राहत दी है।
यह धर्म की जीत है…
मद्रास हाई कोर्ट के फैसले पर डेप्युटी स्पीकर पी.वी. जयरमन ने कहा, यह धर्म की जीत है और कपटी व धोखेबाजों के लिए तमाचा है। यदि कोई अपील भी दायर की जाती है तो हमें यकीन है कि सच्चाई की ही जीत होगी। वहीं, टीटीवी दिनकरन के कहा, यह हमारे लिए झटका नहीं हैं। यह हमारे लिए एक अनुभव है और हम इस स्थिति का सामना करने को तैयार हैं। हमलोग अगली रणनीति 18 विधायकों से मीटिंग के बाद बनाएंगे।
दरसअसल, तमिलनाडु की राजनीति में बागी विधायकों के इस फैसले के बाद आंकड़ों का खेल काफी अहम हो गया था। ऐसे में सबकी निगाहें कोर्ट पर टिकी थीं। ऐसा इसलिए भी था कि अगर कोर्ट ने स्पीकर के फैसले को गलत ठहराया होता तो फिर एआईडीएमके सरकार की मुश्किलें बढ़ जातीं। फिलहाल कोर्ट के इस फैसले ने सूबे की ई पलनिसामी सरकार को बड़ी राहत दी है।
और मजबूत होंगे सीएम ई. पलानिसामी
कोर्ट के इस फैसले ने वर्तमान सीएम ई.पलानिसामी को जहां राहत दी है वहीं उन्हें मजबूत भी किया है। दरअसल, सरकार की स्थिरता को लेकर जारी गतिरोध खत्म होने के साथ ही अब आगे के चुनावों में बीजेपी के साथ गठबंधन की स्थिति में सीटों को लेकर पलानिसामी तोल-मोल की स्थित में भी होंगे। दरअसल, कोर्ट के इस फैसले के बाद अब इन सीटों पर उपचुनाव तय है। इस फैसले को विरोधी गुट के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले उपचुनावों भी इसका सियासी फायदा एआईएडीएमके को मिल सकता है।