कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया कल लेंगे आवश्यक बैठक

रायपुर : राज्य की सत्ता में काबिज होने के बाद कांग्रेस संगठन ने कामकाज में कसावट लाना और तेज कर दिया है। इधर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पीएल पुनिया ककल 20 जनवरी को कांग्रेस के सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की एक आवश्यक बैठक लेने वाले हैं।
ेपीसीसी प्रभारी पीएल पुनिया ने विधानसभा चुनाव के पूर्व संगठन में जो कसावट लाने का काम शुरू किया था, वो अभी भी जारी है। बल्कि यूं कहें कि संगठन में एकरूपता और कामकाज में पूरी कसावट लाने का उनका प्रयास लगातार जारी है। विधानसभा चुनाव के पूर्व संगठन के निचले स्तर से लेकर ऊपर तक उन्होंने जो कसावट लाई और संगठन के पदाधिकारियों के साथ ही कार्यकर्ताओं को जिस तरह से ऊर्जावान बनाकर चुनाव लड़ा गया, इसका परिणाम भी सुखद रहा और वर्तमान में कांग्रेस राज्य की सत्ता में काबिज है। अब देश में आम चुनाव होने वाला है। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से रोडमैप तैयार किया गया। इधर कार्यकारिणी की अद्यतन सूची की समीक्षा भी होनी है। इसके लिए कल श्री पुनिया कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के सभी संगठनों के पदाधिकाकरियों की एक महत्वपूर्ण बैठक लेने वाले हैं। इस बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होगी। बैठक में श्री पुनिया सभी संगठनों, मोर्चा, प्रकोष्ठों व विभागों को मार्गदर्शन भी देंगे।

कांग्रेस विधायकों के निवास स्थलों में बधाई देने वालों का लगा तांता

रायपुर :  विधानसभा चुनाव 2018 में नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों को जीत एवं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने की बधाई देने के लिए उनके निवास स्थलों पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने और विधायकों की जीत पर उन्हें बधाई देने का सिलसिला लगातार जारी है। कांग्रेस के सभी विधायकों के घरों में लोग सुबह से बधाई देने के लिए पहुंच रहे है। राजधानी के 36 मॉल के पास स्थित विधायक कालोनी में रूके हुए कांग्रेस विधायकों को घरों में जीत की बधाई देने पहुंच रहे है। कांग्रेस विधायक अमरजीत भगत आज विधायक कालोनी स्थित निवास में पहुंचते ही बड़ी संख्या में पहले से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। श्री भगत के स्वागत के कई लोग उनके विधानसभा क्षेत्र से भी यहां पहुंचे हुए थे जो स्थानीय परंपरानुसार उनका स्वागत करते हुए उन्हें जीत की बधाईयां दी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं विधायक रामपुकार सिंह एवं कवासी लखमा के निवास में भी बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। ज्ञात हो कि वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह पूर्व में मंत्री भी रह चुके है, वहीं श्री लखमा एवं श्री भगत भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है और प्रदेश कांग्रेस संगठन में वे अपने सरल व सहज स्वभाव के कारण काफी लोकप्रिय भी है। कांग्रेस सरकार में इन दोनों नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की संभावना जतायी जा रही है।

विस चुनाव परिणाम : शुरूआती रूझान में भाजपाई मंत्रियों की हालत हुई पतली

रायपुर : राज्य विधानसभा चुनाव के प्रारंभिक रूझानों में सत्ताधारी दल भाजपा के स्पष्ट बहुमत का सपना पूरी तरह से धाराशाही होता नजर आ रहा है। प्रारंभिक रूझानों के साथ ही भाजपा के दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है। कई सीटों पर भाजपा के दिग्गज कांग्रेस से काफी पीछे चल रहे हैं।
राज्य के कुल 90 विधानसभा सीटों पर सत्ताधारी दल भाजपा के दिग्गजों की प्रतिष्ठा प्रारंभिक रूझान आने के साथ ही दांव पर लगी नजर आ रही है। बात राज्य मंत्रिमंडल में शामिल दिग्गजों की करें तो सबसे पहले बात बस्तर संभाग के नारायणपुर विधानसभा सीट की स्थिति भाजपा के लिए काफी दयनीय हो गई है। यहां से भाजपा के मंत्री केदार कश्यप की प्रतिष्ठा दांव पर लगी नजर आ रही है। प्रारंभिक गिनती के बाद 3 राउंड में मंत्री केदार कश्यप कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी चंदन कश्यप से काफी पीछे चल रहे हैं। मंत्री केदार कश्यप को 3 राउंड तक केवल 1 हजार 521 मत मिले हैं, वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी चंदन कश्यप को 3 हजार 446 मत मिले हैं। जोगी कांग्रेस के बलिराम कचलराम को भी अच्छा वोट मिला है, बावजूद इसके कांग्रेस के चंदन कश्यप 2480 मतों से आगे चल रहे हैं।
बात दूसरे भाजपा मंत्रियों की करें तो भाजपा के महेश गागड़ा, अमर अग्रवाल, दयालदाएस बघेल, राजेश मूणत अपने कांग्रेस के निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से पनीछे चल रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और धरसींवा से चुनाव लडऩे वाले विधायक देवजी भाई पटेल भी प्रारंभिक रूझानों में कांग्रेस से पीछे हो गए हैं। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय और करूद से अजय चंद्राकर ही कांग्रेस के प्रत्याशियों को पीछे करने में अब तक सफल नजर आ रहे हैं। हालांकि यह प्रारंभिक रूझान है और अभी भी बाजी पलटने में कोई अचरज नहीं होगी।

विस चुनाव परिणाम : शुरूआती रूझानों में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को निर्णायक बढ़त

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर मचे घमासान के बीच कांग्रेस को पूरे प्रदेश में अप्रत्याशित बढ़त मिलने से सत्तासीन भाजपा की सभी रणनीतियां ध्वस्त होती नजर आ रही है। दूसरी ओर भाजपा के कई दिग्गज पहले ही राउंड में काफी पीछे हो गए हैं।
सरगुजा संभाग की बात की जाए तो नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव 5000 मतों से आगे चल रहे हैं, तो वहीं संभाग के सभी सीटो पर कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों का पलढ़ा भारी नजर आ रहा है। बिलासपुर संभाग में सत्ताधारी दल भाजपा के कद्दावर मंत्री अमर अग्रवाल अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के शैलेष पाण्डेय से पीछे चल रही हैं।

वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक बिल्हा विधानसभा सीट से आगे चल रहे हैं। बिलासपुर संभाग के अन्य विधानसभा सीटों में भी कांग्रेस का जोर देखने को मिल रहा है और यहां कांग्रेस के प्रत्याशी भाजपा से आगे चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी मरवाही विधानसभा सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के उम्मीदवार से पीछे चल रहे हैं। अब तक मिले रूझानों के अनुसार अजीत जोगी तीसरे नंबर पर चल रहे हैं।

अकलतरा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की बहु श्रीमती ऋचा जोगी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सौरभ सिंह से कुछ मतों से आगे-पीछे चल रही हैं। वहीं कोटा विधानसभा क्षेत्र से श्रीमती रेणु जोगी सभी प्रत्याशियों को पछड़ाते हुए बढ़त बनाई हुई हैं। इधर राजधानी रायपुर संभाग के सभी विधानसभा सीटों पर ताजा रूझान में धरसींवा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी आगे निकलते हुए नजर आ रहे हैं।

वहीं रायपुर ग्रामीण से कांग्रेस के उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा ने भाजपा के नंदे साहू को करीब 4000 मतों से पीछे कर दिया है। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट में भाजपा के कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस के कन्हैया अग्रवाल से हुआ है। यहां मंत्री बृजमोहन अग्रवाल आगे चल रहे हैं।

बात राजधानी रायपुर पश्चिम विधानसभा सीट की करें तो यहां हुए कांटे के मुकाबले में भाजपा के कद्दावर मंत्री राजेश मूणत का मुकाबला कांग्रेस के युवा प्रत्याशी विकास उपाध्याय से हुआ है। ताजा रूझानों में विकास उपाध्याय ने बढ़त बनाई ली है, माना जा रहा है कि आगे के राउंड में भी यह बढ़त बरकरार रहेगी। राज्य की प्रमुख सीटों की बात की जाए तो मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह राजनांदगांव विधानसभा सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्रीमती करूणा शुक्ला से बढ़त बना ली है, प्रारंभिक गिनती में डा. रमन सिंह पीछे चल रहे थे, लेकिन इसके बाद अचानक वे आगे निकल गए। बात भिलाई नगर विधानसभा सीट की जाए तो यहां भाजपा के कद्दावर मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय का मुकाबला भिलाई नगर निगम के महापौर और युवा प्रत्याशी देवेन्द्र यादव से है। प्रारंभिक रूझानों के अनुसार मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने अपने कांग्रेस के निकटतम प्रतिद्वंद्वी देवेन्द्र यादव से निर्णायक बढ़त बनाई हुई है।


जांजगीर-चांपा जिले के शक्ति विधानसभा सीट से पूर्व केबिनेट मंत्री डा. चरणदास महंत अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के मेघाराम साहू से आगे निकल गए हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल अपने निर्वाचन क्षेत्र पाटन विधानसभा सीट से निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं। कांग्रेस की एकमात्र सांसद ताम्रध्वज साहू जो कि इस बार दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी जागेश्वर साहू से कांटे की टक्कर मिल रही है।

प्रदेश ही नहीं देश की नजरें इस समय छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा सीट पर टिकी हुई हैं। यहां पूर्व आईएएस अफसर और भाजपा प्रत्याशी ओपी चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के युवा नेता उमेश पटेल से है। यहां उमेश पटेल करीब 4200 मतों के अंतर से आगे चल रहे हैं।
बस्तर संभाग के 12 विधानसभा सीटों पर इस बार अप्रत्याशित रूझान आने से सत्तासीन भाजपा के होश उड़ गए हैं। बस्तर के 12 विधानसभा सीटों में से 10 सीटों पर सीधे कांग्रेस ने बढ़त बना ली है। कोंटा विधानसभा सीट पर सीपीआई के उम्मीदवार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के कवासी लखमा को पीछे छोड़ा हुआ है।

भोपाल में 2-2 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस आगे

भोपाल :  विधानसभा चुनाव के नतीजे के लिए काउंटिंग शुरू हो गई है. राजधानी भोपाल में दो सीटों पर कांग्रेस और दो पर भाजपा आगे चल रही है. राजधानी की सात सीटें में से इस बार तीन सीटों पर कांटे का टक्कर  है. मध्य, दक्षिण-पश्चिम और हुजूर पर कांग्रेस और भाजपा में पेंच फंसा है.

ताजा रूझानों के मुताबिक कांग्रेस हूजुर और उत्तर सीट पर आगे है. उत्तर सीट पर कांग्रेस 1400 वोटों से आगे है. इस सीट पर कांग्रेस के आरिफ अकील प्रत्याशी हैं, जबकि भाजपा ने यहां से फातिमा सिद्दीकी को उतारा है. वहीं, हुजूर विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी आगे चल रहे हैं. इस सीट पर भाजपा के रमेश्वर शर्मा चुनाव लड़े रहे हैं. वहीं, भाजपा की पारंपरिक गोविंदपुरा सीट पर कृष्णा गौर और नरेला से मंत्री विश्वास सारंग आगे चल रहे हैं.

2 से 4 सीट का अंतर डाल सकता है भाजपा-कांग्रेस को मुश्किल में

रायपुर :  विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर अब राजनीतिक पंडितों ने नया आंकड़ा पेश कर भाजपा-कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। चुनाव परिणाम में यदि सीटों की संख्या बराबर हुआ अथवा एक-दो सीट का भी अंतर आया तो सरकार बनाने के लिए जोगी कांग्रेस-बसपा गठबंधन और भाकपा से समर्थन लेना दोनों ही दलों की मजबुरी होगी।
राज्य की 90 सीटों वाले विधानसभा चुनाव में इस बार जोगी कांग्रेस और बसपा के गठबंधन के साथ ही भाकपा ने भी दमदारी से चुनाव लड़ा है। जोगी कांग्रेस और बसपा गठबंधन से यदि 6-8 सीट भी जीत ली जाती है और भाकपा के खाते में भी यदि दो सीट आ जाती है तो भाजपा-कांग्रेस के चुनावी समीकरण पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा। दोनों ही दलों ने गठबंधन से इंकार किया है। ऐसे में यदि भाजपा और कांग्रेस को बराबर सीटें मिलती अथवा एक-दो सीटों का अंतर आताा है तो भी सरकार बनाने के लिए सहयोग लेना मजबुरी हो जाएगी। ऐसे में सहयोग करने वाली पार्टी अपनी शर्तों पर दोनों ही दलों को झुकाने का माद्दा रखती है।
इधर राजनीति के जानकारों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियां इसी ओर इशारा कर रही है। राज्य की भाजपा सरकार पूर्व में 65 प्लस का नारा दे रही थी। लेकिन प्रदेशवासियों के अब तक के रूझान और मतदान पश्चात हुए आंकलन के बाद भाजपा नेताओं के सुर बदल चुके हैं। भाजपा के नेता पूर्ण विश्वास से यह नहीं कह पा रहे हैं कि पिछले तीन बार की तरह चौथी बार भी उनकी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगी। दूसरी ओर इस मामले में कांग्रेस पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रही है। हालांकि कांग्रेस को ईवीएम में और मतगणना के दौरान गड़बड़ी की आशंका अभी भी खाए जा रही है। यही वजह है कि कांग्रेस लगातार अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सर्तक रहने कह रही है। इन सब से जुदा जोगी कांग्रेस-बसपा गठबंधन और भाकपा शांत है। गठबंधन दल के साथ ही भाकपा के लोगों को पूरा विश्वास है कि राज्य में अब सरकार बनाने के लिए उनका सहयोग जरूरी हो जाएगा। राजनीतिक के जानकार भी मानते हैं कि भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर जरूर है, लेकिन यदि सीटों का बंटवारा बराबर हो गया अथवा एक-दो सीट का भी अंतर आया तो सरकार बनाने की कमान उनके हाथ में आनी तय है। गठबंधन के साथ चुनाव लडऩे वाले जोगी कांगे्रस इस बार से संतुष्ट है कि अब बिना उनके समर्थन के सरकार नहीं बन सकती।

तजुर्बेकार लोगों को मतगणना की जवाबदारी सौंपेगी भाजपा

जगदलपुर:  प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और सभी को मतगणना का इंतजार है। इसी के साथ ही मतगणना के दौरान भाजपा अपने अनुभवी और वरिष्ठ भाजपा जनों को मतगणना के कार्य का निरीक्षण करने भेजने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 14-14 वरिष्ठ भाजपा जनों की सूची बन गई है। इसके साथ ही 2-2 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त रूप से मतगणनना केंद्र में नियुक्त किया जायेगा।
इधर अभी तक हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा से पराजित हो चुकी कांग्रेस इस बार चुनाव संपन्न होने के बाद भी काफी फूंक फूंककर कदम बढ़ा रही है।
उल्लेखनीय है दोनों ही राजनीतिक दल मतगणना को महत्वपूर्ण मानकर तैयारी कर रहे हैं। आगामी 11 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम आएगा लेकिन मतगणना पर मुस्तैदी के साथ नजर रखनें के लिए कांग्रेस व भाजपा इस बार मतगणना अभिकर्ताओं को प्रशिक्षित करने हर विधानसभा के लिए विशेष तौर पर अपने नेताओं को भेज रही है। इस बार सर्वाधिक उल्लेखनीय तथ्य है कि पिछले दिनों मतदान के बाद स्थानीय भाजपा के विधायक राजस्थान प्रचार के लिए गये थे और नारायणपुर के प्रत्याशी केदार कश्यप ओडि़शा गये हुये थे और भी सभी कर्मचारी चुनाव के बाद अब मतगणना के लिए प्रतिक्षा कर रहे हैं।

अपने नए विधायकों पर पैनी नजर रखेगी कांग्रेस

रायपुर:  विधानसभा चुनाव में इस बार जीत के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त कांग्रेस पार्टी ने मतगणना के परिणाम आने के साथ ही विजयी प्रत्याशियों को राजधानी तक पहुंचाने के लिए टीम गठन का ऐलान किया है। विधायकों को एक साथ रखने के लिए अलग से रणनीति तैयार की गई है, इसके अलावा कांग्रेस के सभी विजयी प्रत्याशियों के लोकेशन पर विशेष नजर रखी जाएगी।
पीसीसी सूत्रों की माने तो इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत निश्चित है। प्रदेश की जनता ने इस बार परिवर्तन की लहर को सही ठहराते हुए कांग्रेस को विजयी होने का आशीर्वाद दिया है। इधर राज्य की सत्ता में काबिज होने का दावा करते हुए कांग्रेस ने बकायदा रणनीति तैयार किया है। पिछले तीन विधानसभा चुनाव के परिणाम से सबक लेते हुए इस बार पीसीसी ने मतगणना के पूर्व ही रणनीति बनाकर काम करना शुरू भी कर दिया है। सूत्रों की माने तो 28 नवंबर को राजीव भवन में हुई कांग्रेस पदाधिकारियों, कांग्रेस प्रत्याशियों की बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है। मतगणना के दिन प्रत्येक प्रत्याशियों के साथ एक टीम भी रहेगी। विजयी होने के साथ ही उक्त प्रत्याशी को लेकर गठित टीम सीधे राजधानी रायपुर के लिए रवाना हो जाएगी। राजधानी रायपुर आने के बाद विजयी प्रत्याशियों को एक स्थान पर रखा जाएगा। इसके अलावा सभी प्रत्याशियों के मोबाइल फोन पर लगातार संपर्क रखा जाएगा और विजयी घोषित होने के साथ ही उन्हें टीम के साथ रायपुर आना होगा। इधर राजनीति के पंडितों का कहना है कि कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव के पूर्व जहां प्रत्याशी चयन में फूंक-फूंककर कदम रख रही थी तो वहीं चुनाव में भी कांग्रेस ने पूरी सावधानी बरती है। अब मतगणना के पूर्व संभावित विजयी प्रत्याशियों के रायपुर आगमन और उनके एक साथ रहने को लेकर भी कांगे्रस बेहतर ढंग से काम कर रही है। विदित हो कि इस बार पीसीसी नेताओं ने एकता और रणनीति के तहत काम करते हुए भाजपा को चुनाव में जोरदार टक्कर दी है। अब कांग्रेस को पूरी उम्मीद है कि इस बार राज्य में उनकी सरकार बनना तय है, यही वजह है कि कांग्रेस सभी तरह से सावधानी बरत रही है ताकि उनके विजयी प्रत्याशी एक साथ रह सकें। इसका एक कारण यह भी है कि अब भाजपा के नेता यह कहने से भी नहीं चूक रहे हैं कि चाहे जैसे भी हो, कम सीटों के साथ भी वे सरकार बनाने से नहीं चूकेंगे। यही वजह है कि कांग्रेस विधायकों को एक साथ रखने के लिए अभी से तैयार हो चुकी है।

मतदान के दौरान ईवीएम की गड़बड़ी पर भाजपा ने क्यों साधा था मौन : कांग्रेस

रायपुर: राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब चुनाव परिणाम का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। कांग्रेस जहां ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर लगातार शिकायत दर्ज कराते आ रहा है तो वहीं इस मामले में भाजपा मौन है। इस पर कांग्रेस ने यहां तक कह दिया कि भाजपा को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा नहीं है, भाजपा को किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना है, इसीलिए राज्य में सैकड़ों ईवीएम के खराब होने के बाद भी भाजपा ने इस पर आज तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस संचार विभागाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में मिशन-65 को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे। विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद अब भाजपा के मिशन-65 पर ग्रहण लग गया है। यही वजह है कि भाजपा के प्रदेश प्रमुख 51 सीट आने और चौथी बार सत्ता में काबिज होने की बात कह रहे हैं। कांग्रेस संचार विभागध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए सीधे कह दिया कि भाजपा को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा नहीं है, इसीलिए भाजपा किसी भी तरह से सत्ता हासिल करना चाहती है। कांग्रेस की ओर से मतदान के समय ईवीएम में आई गड़बड़ी को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग में लगातार शिकायत दर्ज कराई। राजधानी रायपुर सहित आसपास के विधानसभा क्षेत्रों के अलावा राज्य भर से इसी तरह ईवीएम के खराब होने की लगातार शिकायतें आती रही। इसके बाद बस्तर के एक विधानसभा क्षेत्र के अलावा कई अन्य मतदान केन्द्रों में मतदान की संख्या, मतदान के प्रतिशत, पीठासीन अधिकारी की रिपोर्ट और जिला निर्वाचन के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त रिपोर्ट में भारी अंतर पाया गया। कांग्रेस ने तत्काल इसकी शिकायत फिर से आयोग में दर्ज कराई। पीठासीन और जिला निर्वाचन अधिकारी की मतदान प्रतिशत और मतदान संख्या को लेकर मिली रिपोर्ट में सैकड़ों मतों का अंतर पाया गया। इस भारी लापरवाही और गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस लगातार आयोग से शिकायत करती रही। लेकिन भाजपा ने इतनी बड़ी चूक के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई, इससे समझा जा सकता है कि भाजपा को किसी भी कीमत पर सत्ता चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मिशन-65 का नारा देते रहे और अब चुनाव संपन्न होने के बाद प्रदेश भाजपा के मुखिया 51 सीट की बात कह रहे हैं। इससे समझा जा सकता है कि भाजपा का चौथी बार सत्ता में आने का सपना टूट चुका है।

राहुल ने नफरत को नकारने किया आग्रह

नयी दिल्ली:  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बीच बुधवार को राज्य के लोगों से वोट डालने की अपील करते हुए कहा कि लोग नफरत को नकारें और सच को स्वीकार करें। गांधी ने ट्वीट कर कहा, मध्यप्रदेश के मतदाताओं से विनम्र आग्रह। वोट प्रजातंत्र की सबसे बड़ी ताक़त है। आज अपना वोट ज़रूर डालें क्योंकि वक़्त बदलाव का है। उन्होंने कहा, आइये, सच को स्वीकारें, नफऱत को नकारें, वादा निभाएँ, हाथ बढ़ाएँ, हरघर ख़ुशहाली लाएँ, मध्यप्रदेश में लोगों की सरकार बनाएँ। गौरतलब है कि राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं। 11 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे ।